हर व्यक्ति को मंदिर-मठ में प्रवेश का अधिकार: सुप्रीम कोर्ट*
एक महत्वपूर्ण टिप्पणी में अदालत ने कहा है कि हर व्यक्ति को मंदिर और मठ जैसे धार्मिक स्थलों में प्रवेश का अधिकार होना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि आस्था के स्थानों पर किसी भी प्रकार का भेदभाव उचित नहीं है। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने कहा कि धार्मिक स्थलों पर समानता और सभी के अधिकारों का सम्मान किया जाना आवश्यक है। किसी भी व्यक्ति को जाति, वर्ग या अन्य आधार पर प्रवेश से वंचित करना संविधान की मूल भावना के खिलाफ है। अदालत ने यह भी कहा कि संबंधित प्रबंधन और प्रशासन को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सभी श्रद्धालुओं को बिना भेदभाव के दर्शन और पूजा का अवसर मिले।






