बजट में गारमेंट्स उद्योग को एक समान जीएसटी की दर मिले: अक्षय जैन

*बजट में गारमेंट्स उद्योग को एक समान जीएसटी की दर मिले: अक्षय जैन*
इंदौर। आगामी केंद्रीय बजट को लेकर गारमेंट्स उद्योग में बड़ी अपेक्षाएं हैं। अहिल्या चेम्बर्स ऑफ कॉमर्स इंडस्ट्रीज के ज्वाइंट सेक्रेटरी अक्षय जैन ने कहा कि वर्तमान में गारमेंट्स पर लागू जीएसटी का ढांचा व्यावहारिक नहीं है और इसे तुरंत संतुलित किए जाने की आवश्यकता है।
अक्षय जैन ने बताया कि अभी 2500 रुपये तक के परिधानों पर 5 प्रतिशत और इससे अधिक मूल्य के गारमेंट्स पर 18 प्रतिशत जीएसटी लागू है, जो उपभोक्ताओं और व्यापारियों दोनों के लिए भ्रम की स्थिति पैदा करता है। उन्होंने मांग की कि मूल्य आधारित भेदभाव समाप्त कर सभी गारमेंट्स को एक समान 5 प्रतिशत जीएसटी स्लैब में लाया जाए।
उन्होंने कहा कि गारमेंट्स कोई विलासिता की वस्तु नहीं, बल्कि आमजन की आवश्यकता है। उच्च जीएसटी दर से न केवल बिक्री प्रभावित होती है, बल्कि असंगठित व्यापार को भी बढ़ावा मिलता है।
अक्षय जैन ने जानकारी दी कि इंदौर रिटेल गारमेंट्स एसोशिएशन की ओर से इस विषय में केंद्रीय वित्त मंत्री को मांग पत्र भेजा जा चुका है। साथ ही उन्होंने ऑनलाइन एमएनसी ई-कॉमर्स कंपनियों को लेकर भी चिंता जताई।
उन्होंने कहा कि बड़े ऑनलाइन प्लेटफॉर्म भारी डिस्काउंट और पूंजी बल के कारण घरेलू फुटकर व्यापारियों को प्रतिस्पर्धा से बाहर कर रहे हैं। ऐसे में सरकार को छोटे और मध्यम व्यापारियों के लिए टैक्स रिबेट या विशेष प्रोत्साहन नीति लानी चाहिए, ताकि पारंपरिक खुदरा व्यापार सुरक्षित रह सके।
अक्षय जैन ने उम्मीद जताई कि आगामी बजट में सरकार गारमेंट्स उद्योग की इन व्यावहारिक मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेकर रोजगार, स्वदेशी व्यापार और अर्थव्यवस्था को मजबूती देगी।

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