सराफा क्षेत्र में रात के समय ऑटो–ई रिक्शा माफियाओं की सक्रियता, यात्रियों को शिकार बना रहे दलाल

*सराफा क्षेत्र में रात के समय ऑटो–ई रिक्शा माफियाओं की सक्रियता, यात्रियों को शिकार बना रहे दलाल*

इंदौर । शहर के व्यस्ततम सराफा क्षेत्र के समीप यशोदा माता मंदिर परिसर में देर रात ऑटो और ई-रिक्शा चालकों के बीच अवैध प्रतिस्पर्धा का खेल लगातार बढ़ता जा रहा है। बाहर से आने वाले यात्रियों को अपनी सवारी में बैठाने के लिए अब बाकायदा दलालों का नेटवर्क सक्रिय हो गया है, जो यात्रियों को बहला–फुसला कर निर्धारित किराए से अधिक वसूली कर रहे हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि सराफा चौपाटी के आसपास रात होते ही कुछ ऑटो और ई-रिक्शा चालक गुटों में खड़े होकर यात्रियों को पकड़ने का प्रयास करते हैं। कई बार इन चालकों के बीच तू-तू मैं-मैं और धक्का-मुक्की की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं, जिससे वहां का माहौल असुरक्षित बनता जा रहा है।

स्थानीय लोगों की शिकायत, फिर भी स्थायी कार्रवाई नहीं
क्षेत्रीय नागरिकों के अनुसार इस पूरे मामले की शिकायतें पुलिस प्रशासन से कई बार की जा चुकी हैं। कभी-कभार पुलिस की दबिश के बाद स्थिति कुछ दिनों के लिए शांत हो जाती है, लेकिन कुछ ही समय में फिर से वही दलाल और चालक सक्रिय हो जाते हैं। लोगों का आरोप है कि पुलिस की कार्रवाई केवल औपचारिक बनकर रह गई है।

*यात्रियों में भय का माहौल*
दूर-दराज से आने वाले यात्रियों, खासतौर पर महिलाओं और बुजुर्गों को असुरक्षा का एहसास हो रहा है। कई यात्रियों ने बताया कि उनसे मनमाना किराया वसूला गया और विरोध करने पर बदसलूकी भी की गई।

प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग
स्थानीय रहवासियों और व्यापारियों ने मांग की है कि रात के समय इस क्षेत्र में नियमित पुलिस गश्त बढ़ाई जाए, अवैध ऑटो-स्टैंड हटाए जाएं और दलालों पर सख्त कार्रवाई हो, ताकि आम नागरिकों और पर्यटकों को सुरक्षित माहौल मिल सके।

फिलहाल सवाल यह है कि क्या पुलिस प्रशासन इस बढ़ती माफियागिरी पर स्थायी अंकुश लगा पाएगा या यात्रियों को यूं ही अवैध वसूली का शिकार होना पड़ेगा?

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