ईडी ने अनिल अंबानी की रिलायंस पावर के सीएफओ को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में किया गिरफ्तार*
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उद्योगपति अनिल अंबानी के रिलायंस समूह की कंपनी रिलायंस पावर के मुख्य वित्तीय अधिकारी (CFO) अशोक पाल को धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया है। यह मामला 68.2 करोड़ रुपये की कथित फर्जी बैंक गारंटी से जुड़ा है। सूत्रों के अनुसार, यह मामला रिलायंस एनयू बेस (NU BESS) लिमिटेड से जुड़ा है, जो रिलायंस पावर की सहायक कंपनी है। कंपनी ने सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (SECI) को बैंक गारंटी जमा कराई थी, जो बाद में फर्जी पाई गई। ईडी की जांच में पता चला कि भुवनेश्वर स्थित कंपनी बिस्वाल ट्रेडलिंक ने फर्जी डोमेन s-bi.co.in का इस्तेमाल कर ऐसा दिखाया कि यह SBI की आधिकारिक ईमेल आईडी है। फर्जी दस्तावेज़ SECI को भेजे गए और कमीशन बिल बनाकर करोड़ों रुपये अघोषित बैंक खातों के माध्यम से लेनदेन किए गए। एजेंसी ने पहले भी अगस्त में इस कंपनी और उसके प्रमोटर्स के ठिकानों पर छापे मारे थे और प्रबंध निदेशक पार्थसारथी बिस्वाल को गिरफ्तार किया था। रिलायंस समूह ने कहा कि यह मामला उनके लिए धोखाधड़ी और साजिश का है और इसके संबंध में कानूनी प्रक्रिया जारी है। आज अशोक पाल को विशेष अदालत में पेश किया जाएगा, जहां ईडी उनकी रिमांड की मांग करेगी।






