*राजबाड़ा के फुटपाथों पर रिमूवल की दिखावटी सख्ती, शाम होते ही फिर जम जाते हैं कब्जे*
इंदौर। शहर के हृदय स्थल राजबाड़ा क्षेत्र में नगर निगम की रिमूवल टीम द्वारा प्रतिदिन अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाती है, लेकिन यह कार्रवाई अब केवल औपचारिकता बनकर रह गई है। सुबह के समय फुटपाथों को खाली कराकर अधिकारियों को तस्वीरें भेज दी जाती हैं, जिससे यह संदेश जाता है कि क्षेत्र अतिक्रमण मुक्त हो गया है। किंतु दोपहर ढलते ही वही कब्जेधारी पुनः फुटपाथों पर डेरा जमा लेते हैं।
स्थानीय व्यापारियों एवं नागरिकों का आरोप है कि रिमूवल अमले की सख्ती केवल कुछ घंटों तक ही सीमित रहती है। शाम होते-होते फुटपाथों पर फिर से सामान सज जाता है और राहगीरों के लिए पैदल चलना मुश्किल हो जाता है। इससे यह सवाल उठने लगा है कि आखिर यह कार्रवाई वास्तव में अतिक्रमण हटाने के लिए है या केवल दिखावे के लिए? रिमूवल दल अतिक्रमण कार्यवाही में पक्षपात करते हैं। जंहा रिद्धि सिद्धि समन्वय संवाद स्थापित हो वहां रिमूवल दल की कार्यवाही सूचना पूर्ववत की जाती है।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि निगम प्रशासन स्थायी समाधान चाहता है तो अतिक्रमण करने वालों पर प्रभावी दंडात्मक कार्रवाई की जाए। केवल सुबह कार्रवाई कर फोटो भेजने से समस्या का समाधान नहीं होने वाला। नागरिकों का आरोप है कि दिन में सख्ती और शाम को ढिलाई का यह क्रम लंबे समय से जारी है, जिससे रिमूवल व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
राजबाड़ा जैसे ऐतिहासिक और व्यस्त क्षेत्र में फुटपाथों का अतिक्रमण न केवल यातायात व्यवस्था को प्रभावित करता है, बल्कि शहर की छवि को भी धूमिल करता है। अब देखना यह है कि नगर निगम प्रशासन इस “आंख-मिचौली” के खेल पर कब तक विराम लगाता है और कब राजबाड़ा के फुटपाथ वास्तव में अतिक्रमण मुक्त हो पाते हैं।
469 views





