*लोकतांत्रिक व्यवस्था को बचाने की जरूरत : दिग्विजय सिंह*
*राष्ट्रीय संवाद के साथ होमी दाजी जन्मशताब्दी वर्ष की शुरुआत*
*इंदौर।* पूर्व सांसद एवं जननेता कॉमरेड होमी एफ. दाजी की जन्मशताब्दी वर्ष की शुरुआत के अवसर पर “भारत में समाजवाद – संभावनाएं एवं चुनौतियां” विषय पर एक स्मृति राष्ट्रीय संवाद का आयोजन किया गया। राज्यसभा सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने जन्मशताब्दी वर्ष के आयोजनों की शुरुआत की।
अभिनव कला समाज़ में आयोजित राष्ट्रीय संवाद कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा कि भारत में समाजवाद का लक्ष्य आजादी आंदोलन और स्वतंत्रता के बाद हमारी नीतियों का आधार रहा है। पं. जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी के काल में जमींदारी उन्मूलन, भूमि सुधार, मिश्रित अर्थव्यवस्था, वोट का समान अधिकार, आरक्षण पब्लिक सेक्टर, मजदूर हितैषी कानून समाजवादी नीतियों के द्योतक थे। आज उन्हीं अधिकारों, कानूनों पर हमला हो रहा है।
श्री सिंह ने कहा कि समाजवाद और धर्मनिरपेक्षता को बचाने के लिए लोकतांत्रिक व्यवस्था को बचाने की जरूरत है। आज लोकतंत्र पर ख़तरा है। टेक्नोलॉजी और अन्य माध्यमों से लोकतंत्र पर चोट की जा रही है। आज इन मुद्दों पर जनांदोलन खड़ा करने और होमी दाजी जैसे जननेता की राह पर चलने की जरूरत है।
श्री सिंह ने कहा कि कामरेड होमी दाजी ने पारसी समाज से आकर युवा अवस्था में वकालत का पेशा अपनाया और मजदूरों के हितों के लिए लड़ाइयाँ लड़ी। उन्होंने इंदौर से दो बार विधायक और एक बार सांसद रहकर सदा सदन में प्रभावी मुद्दे उठाये। नेहरु जी और इंदिरा जी भी उनके संघर्ष और ईमानदारी की तारीफ किया करते थे।
विचारक एवं प्रगतिशील लेखक संघ के राज्य सचिव मंडल सदस्य सत्यम सागर ने अपने संबोधन में कहा कि समाजवाद हमारे आजादी के आंदोलन का लक्ष्य था। समाजवादी आंदोलन ने देश को बेहतरीन लेखक, कवि, कलाकार, फ़िल्मकार दिए जिन्होंने आम जनता के मुद्दों को आवाज दी। संप्रभुता, समाजवाद, धर्मनिरपेक्षता और प्रजातंत्र हमारे संविधान के मूल आधार हैं। आज़ादी ने प्रजा को नागरिक बनाया था। आज हम नागरिकों को पांच किलो राशन की लाइन में खड़ा कर फिर प्रजा बना रहे हैं।
उन्होंने कहा कि समान निःशुल्क शिक्षा, रोजगार गारंटी, भूमि सुधार, सबके लिए आवास समाजवाद की बुनियादी जरूरत है। इसके लिए जरूरी है कि संसाधनों पर समाज की मिल्कियत हो। लेनिन, चेग्वारा, नेहरू ने इसे सम्भव बनाया तो यह आज भी सम्भव है।
विषय प्रवर्तन करते हुए समाजवादी विचार प्रसार केंद्र न्यास के प्रबंध न्यासी अरविन्द पोरवाल ने कहा कि आज कॉमरेड होमी दाजी की जन्मशताब्दी वर्ष की शुरुआत है और साथ ही भारत में समाजवाद की सौ वर्ष की यात्रा को याद करने का अवसर है।उन्होंने कहा कि कॉमरेड दाजी ने समाजवाद को केवल सिद्धांत न मानकर उसे जिया और मजदूरों-किसानों व आम जनता के संघर्षों से जोड़ा।
अतिथियों का सूत की माला एवं स्मृति चिन्ह द्वारा स्वागत स्टेट प्रेस क्लब, म.प्र. के अध्यक्ष प्रवीण खारीवाल, श्रम संगठनों की संयुक्त अभियान समिति के संयोजक एवं इंटक के प्रदेश अध्यक्ष श्यामसुंदर यादव, अभ्यास मंडल के शिवाजी मोहिते, रामस्वरूप मंत्री, कैलाश लिम्बोदिया, हरनाम सिंह, फादर पायस, मनोहर लिम्बोदिया, राहुल निहोरे, सारिका श्रीवास्तव, योगेन्द्र महावर, प्रकाश पाठक ने किया।
अध्यक्षीय भाषण श्यामसुंदर यादव ने दिया और आभार प्रदर्शन कॉमरेड रुद्रपाल यादव द्वारा किया गया। कार्यक्रम का संचालन विवेक मेहता ने किया।कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शहर के गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। यह कार्यक्रम समाजवादी विचार प्रसार केंद्र न्यास, स्टेट प्रेस क्लब मध्यप्रदेश, अभ्यास मंडल इंदौर, श्रम संगठनों की संयुक्त अभियान समिति एवं भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (इंदौर जिला इकाई) द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया गया।
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