मोहन भागवत ने कहा : जातिवाद के जाल से मुक्त होकर समाज बनाए साझा अधिकार*
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने समाज को जातिवाद की विषमता से मुक्त होने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मंदिर, जलाशय और अंत्येष्टि स्थल जैसे सार्वजनिक स्थान किसी एक जाति या वर्ग के लिए नहीं, बल्कि पूरे समाज के साझा अधिकार होने चाहिए। भागवत रविवार को नवाबगंज के पंडित दीनदयाल सनातन धर्म विद्यालय परिसर में कार्यकर्ता विकास वर्ग में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि संघ के शताब्दी वर्ष में शुरू किए गए पंच परिवर्तन से समाज बड़े बदलाव की ओर बढ़ रहा है और इसे राष्ट्र के प्रति अपने दायित्व के प्रति जागरूक होना चाहिए। उन्होंने कार्यकर्ताओं से संघ के विस्तार में शाखाओं के अलावा हर परिवार तक संपर्क कर विचारधारा से जोड़ने का आह्वान किया।






