ऑपरेशन सिंदूर के बाद अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा में उतरेगी CRPF, रूट पर तैनात होंगी 47 बटालियनें*
‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद अब केंद्रीय सुरक्षा बलों ने अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा पर पूरा फोकस कर दिया है। 29 जून से शुरू हो रही इस पवित्र यात्रा के लिए CRPF ने अचूक सुरक्षा योजना बनाई है। DG जीपी सिंह के नेतृत्व में घाटी में तैनात 47 बटालियनों के अधिकारियों के साथ तीन घंटे की बैठक में यात्रा की सुरक्षा रणनीति पर चर्चा की गई। इस बार फोकस फिदायीन और IED हमलों को रोकने पर है। CRPF की ‘1000 मीटर थ्योरी’ के तहत यात्रा मार्ग के एक-एक किलोमीटर पर जवान तैनात रहेंगे ताकि आतंकी पास तक न पहुंच सकें। रोड ओपनिंग पार्टी (ROP) 24 घंटे गश्त पर रहेगी और यात्रा रूट पर ड्रोन व सीसीटीवी से निगरानी की जाएगी। श्रद्धालुओं को पूरी तरह सुरक्षित रखने के लिए सीआरपीएफ जवान 14-16 घंटे तक ड्यूटी देंगे। यात्रा के लिए स्पेशल कैंप, स्कैनिंग सिस्टम, और त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरा तैयार किया गया है। ड्रोन हमलों व चिपकने वाले बमों से बचाव के लिए भी विशेष उपाय किए गए हैं। खुफिया इनपुट के अनुसार, जम्मू-कश्मीर में अभी भी 50 पाकिस्तानी आतंकी और 20 स्थानीय आतंकी सक्रिय हैं। इन्हें रोकने के लिए ओवर ग्राउंड वर्करों पर नजर रखने को विशेष दस्ता बनाया गया है। टारगेट किलिंग और रसद हमलों को रोकना भी सुरक्षा बलों की प्राथमिकता है।






