*दिल्ली उच्च न्यायालय का बड़ा फैसला: यूक्रेनी नागरिक को वीजा अवधि समाप्ति के बाद भी मिली राहत

*दिल्ली उच्च न्यायालय का बड़ा फैसला: यूक्रेनी नागरिक को वीजा अवधि समाप्ति के बाद भी मिली राहत*

नई दिल्ली, 15 जनवरी 2025

दिल्ली उच्च न्यायालय ने एक यूक्रेनी नागरिक को बड़ी राहत दी है, जो वीजा अवधि समाप्त होने के कारण भारत में फंस गई थी। यह मामला न्यायमूर्ति की पीठ जस्टिस सचिन दत्ता द्वारा सुना गया था।

आल्हाया नोहिना, एक यूक्रेनी नागरिक, रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण जर्मनी में अस्थायी रूप से निवास करती हैं। वह योग एवं अध्यात्म को जानने के लिए भारत आई थीं और दिसंबर से एक पर्यटक वीजा पर रह रही थीं। उनका वीजा 6 जनवरी 2025 को समाप्त हो गया था।

उन्होंने एफ आर आर ओ (FRRO) चेन्नई के साथ एक निर्गम अनुमति ( exit permit) के लिए आवेदन किया था, लेकिन प्रक्रिया में देरी हुई और उन्हें दिल्ली के आईजीआई हवाई अड्डे पर अपनी वापसी की उड़ान में चढ़ने की अनुमति नहीं दी गई। विवाद का कारण एक ‘फॉर्म सी’ था, जो आवेदक के निवास के अंतिम प्रमाण के रूप में आवश्यक है।

9 जनवरी को दिनभर आल्हाया दिल्ली स्थित यूक्रेनियन एम्बैसी में रही पर उन्हें आवश्यक लाभ नहीं मिला। जब यह जानकारी दिल्ली के ३ वकीलों ( विवेक तिवारी,आदित्य त्रिवेदी, शुभी पस्तोर) को मिली तब उन्हों ने दिल्ली उच्च न्यायालय के दरवाजे खटखटाने की सोची।10 जनवरी को यही तीन वकीलों ने मुख्य न्यायाधीश के सामने इस मामले को रखा। मामले की जल्द सुनवाई हेतु 13 जनवरी को जस्टिस सचिन दत्ता द्वारा सुना गया और पहली ही सुनवाई में सरकारी वकील को आदेश दिया गया याचिकाकर्ता की मदद की जाये ।

न्यायालय ने एफआरआरओ (FRRO) दिल्ली को निर्देश दिया कि वह आल्हाया नोहिना के निर्गम अनुमति के अनुरोध को एक नए फॉर्म-सी के साथ संसाधित करे और उन्हें बिना जुर्माने के साथ निर्गम अनुमति प्रदान करे। दूसरे दिन 14 जनवरी को न्यायालय ने याचिकाकर्ता को 48 घंटों के भीतर निर्गम अनुमति के लिए आवेदन करने का निर्देश दिया। उसके अतिरिक्त, उन्हें निर्गम अनुमति मिलने के बाद 72 घंटों का समय दिया की वह भारत से जर्मनी जा सके।

यह मामला हमें भारतीय संस्कृति की उस महान परंपरा की याद दिलाता है, जिसमें हम विदेशी मेहमानों का स्वागत करते हैं और उनकी मदद करते हैं। यह मामला हमें ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ और ‘अतिथि देवो भव’ के उस महान आदर्श की याद दिलाता है, जो हमें विदेशी मेहमानों के प्रति सहानुभूति और सहयोग की भावना को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित करता है।

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