कमलनाथ सरकार का किसानों के हित में एक और बड़ा फैसला*

*कमलनाथ सरकार का किसानों के हित में एक और बड़ा फैसला*

किसानों द्वारा कृषि उपज मंडियों में अपनी उपज बिक्री करने पर उसी दिन व्यापारियों को उन्हें नकद भुगतान करना पड़ेगा. हालांकि नकद भुगतान की राशि अधिकतम 2 लाख रुपये से ज्यादा नहीं होगी. इससे अधिक की उपज बिक्री करने पर किसानों को शेष राशि व्यापारियों को बैंकिंग के जरिए देनी होगी. सरकार के इस फैसले के निर्देश सभी संबंधित विभागों को जारी कर दिए गए हैं. ​
बता दें कि लगातार शासन को ऐसी शिकायतें मिल रही थीं कि किसानों को आयकर अधिनियम के सामान्य भुगतान नियम का हवाला देकर व्यापारियों द्वारा उन्हें मात्र 10 हजार रुपये नकद दिए जा रहे हैं. ऐसे व्यापारी आयकर अधिनियम का हवाला देकर किसानों से उपज ले ले रहे हैं, मगर उन्हें उनकी उपज का भुगतान उपज की बिकवाली के बाद ही देने का वादा कर रहे हैं.

अगर लाइसेंसधारी व्यापारी अधिनियम के निर्देशों का पूर्णत: पालन नहीं करता है तब उसके खरीद-बिक्री को रोके जाने और लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं. इन निर्देशों का व्यापक प्रचार करने के निर्देश भी दिए गए हैं. इसके अतिरिक्त किसानों की भुगतान संबंधी शिकायत दर्ज कराने के लिए मंडी सचिव एवं प्रांगण प्रभारी, भुगतान प्रभारी के नाम और मोबाइल नंबर ऐसे स्थान पर प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए हैं जहां वे आसानी से दिखाई पड़ जाए.

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