बांकेबिहारी जी को नहीं अर्पित होगी पुष्पमाला*
सर्दी का प्रभाव बढ़ने के साथ श्री बांकेबिहारी जी की भोगराग सेवा से लेकर पहनावे में भी बदलाव कर दिया है। अब आराध्य को गर्म पोशाक धारण कराई जा रही है। ठाकुर जी के भोग में ड्राइ फ्रूट्स, केसर व गर्म तासीर के व्यंजनों की मात्रा में वृद्धि कर दी गई है। इसके साथ ही ठाकुरजी को फूलों से निकलने वाले पानी से ठंड का प्रभाव न हो। इसका भी रास्ता निकाले हुए सेवायतों ने अब फूलों की माला से दूरी बना ली है। ठाकुरजी को अब फूल की जगह मोतियों की माला धारण कराई जाएगी। श्री बांकेबिहारीजी की सेवा पूजा एक बालक के रूप में ही होती आई है। घरों में जिस तरह मौसम के अनुसार बालकों का रख रखाव होता है। श्री बांकेबिहारी के सेवायत भी मौसम के अनुसार ठाकुरजी का पहनावा, भोगराग तय करते हैं। सर्दी का प्रभाव दिनों दिन बढ़ता जा रहा है। ऐसे में सेवायतों ने अब ठाकुरजी के श्रृंगार में फूलों का उपयोग बंद कर दिया है। ठाकुरजी को अब फूलों की माला की जगह मोतियों की माला धारण कराना शुरू कर दिया है। इसके पीछे मान्यता है कि फूलों की माला जब आराध्य को पहना दी जाती है। फूलों में से पानी गिरता है, जो ठाकुरजी के शरीर को स्पर्श कर लेता है, तो ठिठुरन हो जाती है। ऐसे में ठाकुरजी को सर्दी के प्रभाव से बचाने के उपायों में वृद्धि करते हुए अब सेवायत फूल की जगह मोतियों की माला ही धारण करवा रहे हैं।






