महाराष्ट्र के विकास में मराठीओ के साथ साथ हर जाती धर्म का हाथ है : हार्दिक हुंडिया


देश के हर कौने कौने से जहां लोग व्यापार रोजगार के लिए आते है ऐसे महाराष्ट्र राज्य के विकास में मराठी भाईओं के साथ साथ देश की हर जाती का इसके विकास में साथ है फिर चाहे वो गुजराती हो , उत्तर भारतीय हो , पंजाबी हो , दक्षिण भारतीय हो , जो भी इस देश के प्रांत से आये है उन सभी का हाथ है। हार्दिक हुंडिया ने कहा कि जब शिवसेना की सरकार बनी थी और मुख्य मंत्री श्री उद्धवजी ठाकरे बने तब किसी को नहीं लगता था कि सरकार शिवसेना की बनेगी , लेकिन संजय राउत एक ऐसे राजनेता है , पत्रकार है जो बार बार मीडिया में कहते थे कि सरकार तो शिवसेना की ही बनेगी और बनी, संजय राउत ने जो बोला था वो सत्य हुआ। हार्दिक हुंडिया की संजय राउत से एक ही बिनंती है की आप बार बार कहते हो कि देश के प्रधान मंत्री नरेंद्र भाई मोदी , गृह मंत्री अमित शाह दोनों राज नेता महाराष्ट्र से व्यापार को गुजरात ले जायेंगे।संजय भाई यह बात ग़लत है , जिनको जाना है उनको कोई रोक नहीं सकता। आप एक नज़र हीरा उद्योग पर करो , देश का सफल हीरा उद्योग सूरत में ले जाने की कोशिश कुछ व्यापारी कर रहे है , लेकिन क़रीबंद क़रीबंद व्यापारी मुंबई में ही हीरा का व्यापार करना चाहते है। जो सूरत गये है उनको जो सुविधा मुंबई में नहीं मिलती है इसलिये सूरत गये है , उनको मोदीजी या अमित शाह लेकर के नहीं गये।हार्दिक हुंडिया ने कहा कि देश के हर व्यापारी को भारत के कोई भी राज्य में व्यापार करने का हक्क है।जिस राज्य मे ज़्यादा सुविधा मिलेगी उस राज्य में व्यापार बढ़ेगा।हार्दिक हुंडिया ने कहा कि मुंबई के हीरा उधोग को श्री देवेन्द्र फड़णवीश हो या श्री उद्धव ठाकरे दोनों ने ये व्यापार को जो सुविधा चाहिये वो दी है , हीरा उद्योग दोनों का उपकार कभी नहीं भूलेगा।हार्दिक हुंडिया ने कहा कि महाराष्ट्र का ही एक भाग है गुजरात, जो पहले दोनों एक ही राज्य थे महाराष्ट्र । हम गुजराती भी मराठी ही है , भारतीय है।कोई भेद भाव नहीं है। व्यापारी तो वहां व्यापार करेगा जहां उसको अच्छी सुविधा और अच्छा मुनाफ़ा मिले।हार्दिक हुंडिया ने संजय राउत से कहा कि आप भी एक बड़े राजनेता हो , आप वहां चुनाव लड़ोगे जहां आप जल्दी चुनाव जीत पाओ और जहां आप को ज़्यादा वोट मिले वहां ही आप चुनाव लडोगे ? और जहां आराम से चुनाव जीत पाओगे ! इसी तरह व्यापारी भी वहां व्यापार करेगा जहां उनको व्यापार के लिये जो सुविधा चाहिये वो उनको
मिले। हार्दिक हुंडिया का कहना है कि महाराष्ट्र में गुजरात क्या ? राजस्थान क्या ? उत्तर प्रदेश क्या ? पंजाब क्या ? राष्ट्र के हर कौने क़ौने से जहां लोग कमाने आते है ऐसे महाराष्ट्र से कोई व्यापार नहीं लेके जाता है।मुंबई मोहमइ नहीं , माँ मइ नगरी है , यहां आने वाला हर इंशान मुंबई की गोद में शीश झुकाकर के आगे बढ़ता है क्योंकी मुंबई इस देश की आर्थिक राजधानी है और महाराष्ट्र की शान है , हम सब का मुंबई है , महाराष्ट्र है, भारत है । Mumbai में mum, ba और i यानी ३ माँ के नाम का संगम हम सब का MUMBAI, हम सब मिलकर देश का विकास करे , देश का विकास सभी का विकास यही उच्च हार्दिक हुंडिया की भावना है |






