बाजार में 53 हजार करोड़ डूबे, अदाणी ग्रुप को नुकसान, गिरावट के बाद संभला बाजार, निवेशकों को सलाह*
हिंडनबर्ग की रिपोर्ट आने के बाद शेयर मार्केट में जिस बड़े भूचाल की आशंका व्यक्त की जा रही थी, सोमवार को उसका असर दिखना शुरू हो गया है। शेयर बाजार खुलने के पूर्व की गई प्री-बिडिंग में भी इसके आसार दिख रहे थे, लेकिन बाजार खुलने के साथ ही इसका असली असर दिखना शुरू हो गया। शुरुआती दौर में ही अदाणी ग्रुप की कई कंपनियों के शेयरों में गिरावट देखी गई। अब तक अदाणी ग्रुप के शेयरों में लगभग सात फीसदी की गिरावट दर्ज की जा चुकी है। शेयर बाजार में निवेश करने वाले निवेशकों के लगभग 53 हजार करोड़ रुपये डूबने का अनुमान लगाया जा रहा है। हालांकि, शुरुआती गिरावट के बाद बाजार दोबारा संभलता दिखाई दे रहा है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशकों को घबराना नहीं चाहिए और हिंडनबर्ग का असर स्थाई नहीं होगा। शेयर बाजार में यह गिरावट सेबी के स्पष्टीकरण के बाद भी देखा जा रहा है। संभवतः संस्था को भी अनुमान था कि हिंडनबर्ग की रिपोर्ट का बाजार पर नकारात्मक असर दिख सकता है, सेबी ने निवेशकों से संभलकर निवेश पर विचार करने का भी अनुरोध किया था। लेकिन इसके बाद भी हिंडनबर्ग रिपोर्ट ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। यह कहां तक जाकर संभलेगा, यह आने वाले समय में ही स्पष्ट हो पाएगा। पिछली बार हिंडनबर्ग रिपोर्ट के कारण अदाणी समूह को भारी नुकसान हुआ था। हालांकि, इस बार नुकसान का वेग उतना तेज नहीं दिखाई दे रहा है।






