कम मतदान पर नेता और अफसर कर रहे मंथन*
अलीगढ़ संसदीय क्षेत्र के लिए दूसरे चरण में 26 अप्रैल को हुए मतदान में कई पोलिंग बूथ ऐसे रहे हैं, जहां पर 45 फीसदी से कम मतदान हुआ है। आखिर इतने कम मतदान के क्या कारण हैं? अब इसकी समीक्षा हो रही है। राजनीतिक दल और सरकारी मशीनरी अपने स्तर से इसका पता लगा रही है। जनपद में कुल 2121 बूथों पर मतदान हुआ था। वर्ष 2019 के सापेक्ष इस बार 6 फीसदी मतदान कम हुआ है। जिले में करीब 80 पोलिंग बूथ ऐसे हैं, जिन पर 45 प्रतिशत या उससे कम मतदान हुआ है। निर्वाचन से जुड़े अधिकारी इसकी समीक्षा भी कर रहे हैं कि इस बार कम मतदान क्यों हुआ ? इसके पीछे जो कारण निकलकर आएंगे उसके अनुसार कुछ कर्मचारियों की लापरवाही पाए जाने पर कार्रवाई भी हो सकती है। बीएलओ और अन्य अधिकारियों से इसकी जानकारी की जा रही है। इधर, राजनीतिक दल भी कम मतदान के कारणों की समीक्षा कर रहे हैं और यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर उनकी बूथ कमेटी ने पूरे चुनाव में क्या किया ? मतदान वाले दिन घरों से कम संख्या में वोटरों के निकलने की क्या वजह रही। इसकी जांच भी वे अपने स्तर से कर रहे हैं।






