रायबरेली में गांधी बनाम गांधी हो सकती है लड़ाई*
रायबरेली लोकसभा सीट पर नेहरू- गांधी परिवार के दो दिग्गज आमने- सामने हो सकते हैं। विपक्षी गठबंधन के तहत कांग्रेस से प्रियंका गांधी का उतरना तय है। वहीं, भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने वरुण गांधी से वहां से चुनाव लड़ने के लिए बात की है। हालांकि, अपनी ही चचेरी बहन प्रियंका गांधी के खिलाफ लड़ने के बारे में निर्णय लेने के लिए वरुण गांधी ने थोड़ा वक्त मांगा है। सांसद वरुण गांधी और उनकी मां मेनका गांधी के पीलीभीत से 30 साल पुराने रिश्ते पर इस बार ब्रेक लग गया। भाजपा ने मेनका गांधी को तो सुल्तानपुर से टिकट दे दिया, लेकिन वरुण गांधी का पीलीभीत से टिकट काट दिया। वरुण गांधी पहली बार 2009 और फिर 2019 में पीलीभीत से सांसद चुने गए। वहीं, 2014 का लोकसभा चुनाव वे सुल्तानपुर से जीते थे। रायबरेली सीट कांग्रेस का गढ़ मानी जाती है। इसका अंदाजा इस वात से लगा सकते हैं कि 2019 में कांग्रेस ने यूपी में एकमात्र सीट रायबरेली ही जीती थी। भाजपा नेतृत्व इस बार रायबरेली सीट को लेकर अभेद्य चक्रव्यूह रचना चाहता है। पार्टी ने गोपनीय सर्वे कराया, जिसमें वरुण गांधी का नाम सबसे आगे उभर कर आया।






