देशभर की पवित्र नदियों के जल व औषधि युक्त 114 कलशों से किया जाएगा रामलला का अभिषेक*
देशभर की पवित्र नदियों के जल और औषधियुक्त 114 कलशों से अभिषेक और संध्या आरती के बाद भगवान का शैय्याधिवास रविवार को शुरू हो गया। वहीं, अस्थायी मंदिर में विराजमान रामलला को गर्भगृह में पहुंचा दिया गया। रामलला के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास और चारों पुजारियों ने उन्हें गोद में लेकर गर्भगृह में पहुंचाया और उनके विश्राम की संपूर्ण व्यवस्था की। अनुष्ठान में नित्य पूजन के बाद हवन, पारायण प्रातः मध्याधिवास, 114 कलशों के विविध औषधियुक्त जल से मूर्ति स्नान, महापूजा, उत्सव का प्रसाद, परक्रिमा, शैलाधिवास, तत्वन्यास, महान्यासादि, सात्विक पौष्टिक, अघोर व्याहृति जागरण जैसे संपन्न हुए। रामलला के प्राण प्रतिष्ठा के अनुष्ठान के अंतिम चरण में दो अधिवास शेष थे। इसमें भगवान का उत्थापन के बाद नैमित्तिक क्रिया पूर्ण कर अनुष्ठान का क्रम शुरू हुआ।






