टीबी की बीमारी को खत्म करने के लिए बनाया जा रहा देश का पहला एआई आधारित चैटबॉट*
टीबी की बीमारी को खत्म करने देश का पहला एआई आधारित चैटबॉट बनाया जा रहा है। इसमें स्थानीय भाषाओं के इस्तेमाल को लेकर तैयारी चल रही है। कर्नाटक के एक गांव में पिछले कुछ हफ्तों से एक ऐप के जरिये ग्रामीण कन्नड़ भाषा में वाक्य रिकॉर्ड कर रहे हैं। वहीं अलग-अलग भाषाओं के हजारों लोगों से भी बीमारी से जुड़ा डाटा जमा किया जा रहा है। जिससे एआई मॉडल बनाने में मदद मिले। माइक्रोसॉफ्ट रिसर्च इंडिया में मुख्य शोधकर्ता कलिका बाली कहती हैं। एआई टूल ज्यादा फायदेमंद तब साबित हो पाएंगे, जब ये अंग्रेजी ना बोलने वाले लोगों के भी काम आएं। लेकिन चैटजीपीटी जैसे एआई टूल के लिए बहुत ज्यादा डाटा जुटाना होगा। भारत सरकार भी ऐसे स्थानीय डाटा सेट तैयार कर रही है। इसे भाषीनी नामक एआई टूल के जरिए तैयार किया जा रहा है।






