शंखेश्वर पार्श्वनाथ मंदिर स्थापना के लिए कुसुम प्रेमजी डुंगरवाल सम्मानित 
इंदौर, 23 सितंबर । शंखेश्वर पार्श्वनाथ जैन श्वेताम्बर मंदिर स्कीम नंबर 140 के मंदिर निर्माण स्थापना से लेकर लगातार मंदिर को लगातार भव्यता प्रदान करने के लिए श्रीमती कुसुम प्रेमजी डुंगरवाल को सम्मानित किया गया । यह सम्मान अ भा श्वेताम्बर जैन महिला द्वारा आयोजित भक्ति एवं मासखमण तपस्वी सम्मान समारोह में किया गया ।
अध्यक्ष शकुंतला पावेचा एवं संस्थापक रेखा जैन ने बतलाया कि कुसुम डुंगरवाल का सम्मान श्री जयसिंह जैन, वीरेन्द्र कुमार जैन,कैलाश नाहर,कांतिलाल बम,प्रकाश भटेवरा,अनिल मेहता,दिलसुखराज कटारिया, ललित सी जैन , जिनेश्वर जैन एवं महिला संघ पदाधिकारियों द्वारा किया गया ।ट्रस्टी देवेन्द्र शालिनी डुंगरवाल ने बतलाया आचार्य श्री नवरत्नसागर सूरीश्वरजी की प्रेरणा से स्व प्रेम डुंगरवाल द्वारा मंदिर निर्माण प्रारंभ किया गया था ।
अतिथियों ने कहा जैन धर्म, हमारे देश के साथ ही पूरे विश्व के समाज में अपने आदर्शों और मूल्यों के लिए प्रसिद्ध है। जैन मंदिर इस धार्मिक धरोहर के महत्वपूर्ण हिस्से हैं, और उनकी स्थापना का इतिहास विश्व की सभी धर्मों के लिए महत्वपूर्ण है।जैन मंदिरों की स्थापना के पीछे एक महान धार्मिक और सामाजिक संदेश होता है। ये मंदिर न केवल धार्मिक स्थल होते हैं, बल्कि वे मानवता के मूल्यों की संरक्षा और प्रचारण का माध्यम भी होते हैं।
आदित्य निकिता डुंगरवाल ने बतलाया कि मूलनायक शंखेश्वर पार्श्वनाथ के साथ ही मंदिर में भगवान आदेश्वर,महावीर स्वामी,शांतिनाथ,नागेश्वर पार्श्वनाथ,सिद्धचकृ,गणधर गौतम स्वामी,पद्मावती,मणिभदृ,घंटाकर्ण महावीर,नाकोड़ा भैरव एवं अधिष्ठायक देव की भी सुंदर मूर्तियाँ स्थापित है।किरण डुंगरवाल ने आभार व्यक्त किया ।
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