श्वेताम्बर जैन समाज का सबसे बड़ा संवत्सरी महापर्व दिनांक 19 सितम्बर को

*श्वेताम्बर जैन समाज का सबसे बड़ा संवत्सरी महापर्व दिनांक 19 सितम्बर को*
*प्रतिक्रमण करके मांगेंगे 84 लाख जीव योनियों से क्षमा*
*पर्युषण पर्व के अंतिम दिन श्वेताम्बर जैन समाज संवत्सरी महापर्व मनाएगा *
राजेश जैन युवा ने बताया की कल सम्पूर्ण समाज के अधिकतर लोग गर्म जल के आधार पर 36 घंटे का उपवास रखेंगे साथ ही शहर में हो रही विभिन्न तपस्याओ के तपस्वियों की तपस्चर्या पूर्ण होगी। सुबह जप तप प्रवचन के पश्चात अलग अलग सभी उपाश्रयों से चैत्य परिपाटी (जुलुस) मंदिर के दर्शनार्थ निकलेगी। शाम को शहर के 72 स्थानों पर समाजजन एकत्रित होकर मुँहपत्ती का पलेवण कर अंगो को शुद्ध कर काउसग का ध्यान कर प्रतिक्रमण एवं पौषध करेंगे। तिलकनगर के पांडाल में एवं नवकार वाटिका रेसकोर्स रोड पर कुंवरमंडली उपाश्रय पर मुकुट मांगलिक भवन पर वीर वीरेंदर गार्डन पर मुख्य रूप से सभी आयु वर्ग के लोग प्रतिक्रमण करेंगे।
आज सातवा दिवस “परंपरा दिवस” के रूप में मनाया गया रात्रि में बलोत्रा राजस्थान के सुरु प्रसिद्द वैभव वाघमार की भजन संध्या आजोजित हुई।
मुनिराज श्री ऋषभरत्नविजयजी एवं श्री एकाग्ररत्नविजयजी ने पर्युषण पर्व के सातवें दिन को परम्परा दिवस के रूप में बताया। महावीर भगवान के निर्वाण के बाद कौन-कौन से गुरु भगवंत उनके पाट पर बैठे उनका पूर्ण विवरण सभी के सम्मुख रखा।
तिलकेश्वर पार्श्वनाथ पाठशाला के छात्र-छात्राओं ने धार्मिक संदेश देने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम की अति सुंदर रंगारंग प्रस्तुति की। उत्कृष्ट अध्ययन करने वाले बच्चों को पुरस्कार से सम्मानित किया गया। पाठशाला के संरक्षक श्री पारसमलजी कोठारी एवं मनोजजी पोरवाल का बहुमान एवं अवैतनिक शिक्षक श्री राजकुमारजी, श्रीमती सुनीता, श्रीमती रत्ना, श्रीमती प्राची, श्रीमती नाहर का सम्मान किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन श्री प्रफुल्लजी एवं श्रीमती दिव्या शाह ने किया।

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