सिन्धी महिलाओ की अनोखी टीजड़ी

सिंधू मुहिंजी जीजल महिला विंग कि प्रमुख जयश्री विराणी व मुस्कान छागानी ने बताया कि “टीजड़ी” मूलतः महिलाओं द्वारा अपने सुहाग की रक्षा हेतु दिनभर वृत रखने का त्यौहार है, जो रात्री के तिसरे प्रहर से रात्रि में चांद को अर्ग(जलार्पण) कर खोलने की परंपरा है। इस दिन स्वजनों के लिए भोजन आदि बनाने के बाद महिलाओं का समय काटना मुश्किल होता है, ऐसे में मेलमिलाप और मनोरंजन की व्यवस्था महिला विंग द्वारा शनिवार 2 सितम्बर 23 को प्रेस क्लब सभागृह मे अनूठा आयोजन किया गया है।
आयोजन में 4 प्रतियोगिताएं रखी गई हैं। भक्ती नागदेव व पुनम माटा ने बताया कि इनमें सिंधी भाषा में गायन, लोक/शास्त्रीय नृत्य, सम्पूर्ण श्रंगार और पूजा की थाली की सजावट में प्रथम तीन विजेता महिलाओं को पुरस्कृत किया जाएगा। आयोजन स्थल पर पुरुषों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा, प्रतियोगिताओं कि निरणायक भी महालाएं ही करेंगी। विंग की चंदा खत्री व विनिता मोटलानी ने बताया कि अतं में टीजड़ी माता की परंपरागत कथा का वाचन आमला शर्मा द्वारा किया जाएगा।
सिंधू मुहिंजी जीजल के संयोजक किशोर कोडवानी ने बताया कि संगठन द्वारा शहर में सामूहिक टीजड़ी पूजन का कार्यक्रम पहली बार किया जा रहा है, महिला विषयक इस आयोजन के प्रति व्यापक प्रतिसाद मिल रहा है।






