समान नागरिक संहिता: अखिलेश यादव ने साफ किया सपा का स्टैंड, कहा उनके लिए अहम है ‘पीडीए’ की हिस्सेदारी

समान नागरिक संहिता: अखिलेश यादव ने साफ किया सपा का स्टैंड, कहा उनके लिए अहम है ‘पीडीए’ की हिस्सेदारी*

समान नागरिक संहिता के मुद्दे पर सपा ने आखिरकार चुप्पी तोड़ दी है। पार्टी सुप्रीमों अखिलेश यादव ने साफ किया है कि उनकी पार्टी इसके विरोध में है। डॉ. सोनेलाल पटेल की जयंती पर सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि गैर बराबरी तभी खत्म होगी, जब जातीय जनगणना हो और आबादी के हिसाब से सभी को हक और सम्मान मिले।उन्होंने भाजपा सरकार से मांग की कि नौकरियों में पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) की हिस्सेदारी को सार्वजनिक किया जाए। समान नागरिक संहिता (यूसीसी) पर अखिलेश ने साफ कहा कि वह इसके विरोध में हैं।सपा मुख्यालय में स्थित लोहिया सभागार में आयोजित कार्यक्रम में सपा प्रमुख ने कहा कि जातीय जनगणना देश की जरूरत है ताकि वंचितों को बराबरी का दर्जा दिया जा सके। सवाल किया कि जितने रोजगार अभी तक दिए हैं, सरकार बताए कि पीडीए के लोग कितने हैं क्योंकि जब हम सरकार में थे तब खूब लिस्ट जारी होती थी। कई राज्यों में राजनीतिक उठापटक पर बोले कि पहले मध्य प्रदेश भाजपा की प्रयोगशाला थी। अब महाराष्ट्र उससे बड़ी प्रयोगशाला हो गई है। सवाल किया कि मुनाफा किसकी जेब में जा रहा है। उधार लेकर अर्थव्यवस्था संभाली जा रही है,कार्यक्रम में अपना दल कमेरावादी की राष्ट्रीय अध्यक्ष कृष्णा पटेल ने कहा कि सोनेलाल पटेल के जन्मदिवस पर जातिवार जनगणना पर चर्चा ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि है। उन्होंने कहा कि पिछड़ों के नकली नेताओं का दौर अब समाप्त होने वाला है। पिछड़ों और वंचितों की लड़ाई में हम अखिलेश यादव का साथ देंगे।

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