हिंदू धर्म में दशहरा एक लोकप्रिय पर्व है और इसे बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है

*🕉️विजयादशमी (दशहरा)🕉️*
*5 अक्टूबर 2022 बुधवार*

*➡️दशहरा का शुभ मुहूर्त⬅️*
हिंदू पंचांग अनुसार अश्विन माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि के दिन अपराह्न काल में दशहरा मनाया जाता है. इस बार दशमी तिथि 4 अक्टूबर को दोपहर 2 बजकर 20 मिनट पर शुरू होगी और 5 अक्टूबर को समाप्त होगी. उदयातिथि के अनुसार दशहरा 5 अक्टूबर को मनाया जाएगा. दशहरा का पूजा दोपहर के समय की जाती है. पूजा का शुभ मुहूर्त दोपहर 1 बजकर 20 मिनट से लेकर दोपहर 3 बजकर 41 मिनट तक रहेगा. इस दिन दोपहर 2 बजकर 7 मिनट से लेकर 2 बजकर 54 मिनट तक विजय मुहूर्त रहेगा जो कि पूजा के लिए बेहद ही शुभ माना जाता है।।

*➡️क्यों मनाया जाता है दशहरा⬅️*

हिंदू धर्म में दशहरा एक लोकप्रिय पर्व है और इसे बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है. इस दिन जगह-जगह मेले का आयोजन होता है वहां रावण दहन किया जाता है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार दशहरा के दिन ही भगवान ​श्री राम ने रावण का वध किया था और बुराई पर अच्छाई की जीत हुई थी. रावण के साथ ही दशहरा के दिन मेघनाथ और कुंभकरण का भी पुतला बनाकर फूंका जाता है. मान्यता है कि जब ये पुतले जलते हैं और मनुष्य के अंदर की बुराई का अंत होता है और अच्छाई की लौ प्रज्वलित होती है।।

*➡️शुभ मुहूर्त दशहरा⬅️*

दशहरा के दिन किसी नई वस्तु को खरीदना बेहद ही शुभ माना जाता है, इस दिन जमीन, प्लाट मकान, स्वर्ण आभूषण, मशीनरी, वाहन इत्यादि वस्तुओं की खरीदारी शुभ मानी गई है ।।

*➡️अद्भुत लाभ⬅️*
इस दिन महिषासुर मर्दिनी मां दुर्गा और भगवान राम की पूजा करनी चाहिए. मां दुर्गा के पूजन से मां आदिशक्ति की कृपा प्राप्त होती है, जिससे जीवन में आने वाली विषमताएं, परेशानियां, कष्ट और दरिद्रता का नाश होता है और विजय प्राप्त होती है. भगवान श्रीराम की पूजा करने से धर्म के मार्ग पर चलने वालों को विजय प्राप्त होती है, इसकी प्रेरणा मिलती है. इस दिन अस्त्र-शस्त्र की पूजा करना बड़ा फायदेमंद होता है. नवग्रहों को नियंत्रित करने के लिए भी दशहरे की पूजा अद्भुत होती है….।

*🏵️पूजा विधि🏵️*
इस दिन चौकी पर लाल रंग के कपड़े को बिछाकर उस पर भगवान श्रीराम और मां दुर्गा की मूर्ति स्थापित करें. इसके बाद हल्दी से चावल पीले करने के बाद स्वास्तिक के रूप में गणेश जी को स्थापित करें. नवग्रहों की स्थापना करें. अपने ईष्ट की आराधना करें ईष्ट को स्थान दें और लाल पुष्पों से पूजा करें, गुड़ के बने पकवानों से भोग लगाएं. इसके बाद यथाशक्ति दान-दक्षिणा दें और गरीबों को भोजन कराएं. भगवा धर्म ध्वजा के रूप में विजय पताका अपने पूजा स्थान पर लगाएं,भगवा ध्वज मंदिरों में लगाएं. श्री रामायण व सुंदरकांड के पाठ करें, सनातन संस्कृति व परंपराओं का प्रचार करें.,
ये विजय दशमी का पर्व प्रेरणा देता है, कि हमें अधर्म, अनीति के खिलाफ लड़ना चाहिए….।।

*➡️दशहर के दिन पढ़ें ये मंत्र⬅️*

विजयदशमी के दिन ये मंत्र व चौपाइयां पढ़ने से लाभ होगा–:

➡️”श्री राम जय राम जय जय राम।।”

➡️”राम रामाय नम:।।”

➡️”ॐ अपराजितायै नम।।”

➡️”पवन तनय बल पवन समाना।
बुद्धि विवेक विज्ञान निधाना।।”

➡️”कवन सो काज कठिन जग माहि।
जो नहीं होत तात तुम पाहि।।”

दशहरे के दिन श्री राम स्तुति, श्री राम चरित्र मानस, सुंदरकांड, श्रीहनुमान चालीसा में से कुछ न कुछ अवश्य करें।।

*➡️जन्म कुंडली के आधार पर करें उपाय⬅️*

इस दिन थोड़ी सी पूजा उपासना और कुछ साधारण उपायों से ही आप अपने ग्रह-नक्षत्रों को अपने अनुकूल कर सकते हैं।

आप इस दिन अपने लग्न कुंडली जन्म कुंडली के आधार पर भी मंत्र इत्यादि का अनुष्ठान भी कर सकते हैं और काफी अच्छा लाभ प्राप्त कर सकते हैं।।

*✴️विजयदशमी का दिन महापर्व काल है अतः इस श्रेष्ठ दिन का लाभ अवश्य उठाए।*

*🏵️विजयदशमी महापर्व की मंगलमय शुभकामनाएं 🏵️*

*🌹श्री हरिःशरणम्🌹*

*🌻दासानुदासोह्म् 🌻*
पँ आदित्य नारायण वशिष्ठ
*श्री धाम राजराजेश्वरी*👉भक्त प्रह्लाद नगर इन्दौर👈

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