अप्रैल में अनुमान से ज्यादा बढ़ी खुदरा महंगाई, उछलकर 7.79 फीसदी पर पहुंची, यह बीते आठ साल में सबसे ज्यादा

अप्रैल में अनुमान से ज्यादा बढ़ी खुदरा महंगाई, उछलकर 7.79 फीसदी पर पहुंची, यह बीते आठ साल में सबसे ज्यादा*
महंगाई के मोर्चे पर देश की आम जनता को एक बार फिर तगड़ा झटका लगा है। दरअसल, खुदरा महंगाई अप्रैल महीने में उम्मीद से ज्यादा बढ़ी है। सरकार की ओर से आज जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल महीने में कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (सीपीआई) 7.79 फीसदी रही है। खुदरा मुद्रास्फीति का यह आंकड़ा बीते आठ साल का सबसे ज्यादा है।खाद्य पदार्थों की कीमतों में भारी बढ़ोतरी के चलते खुदरा मुद्रास्फीति बढ़ी है और यह रिजर्व बैंक के लक्ष्य की ऊपरी सीमा से लगातार चौथे महीने ऊपर रही है। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) पर आधारित महंगाई इस साल मार्च में 6.95 फीसदी थी और अप्रैल 2021 में यह 4.23 फीसदी थी,खाद्य मुद्रास्फीति अप्रैल में बढ़कर 8.38 प्रतिशत हो गई, जो इससे पिछले महीने में 7.68 प्रतिशत और एक साल पहले इसी महीने में 1.96 प्रतिशत थी। सरकार ने भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि मुद्रास्फीति चार प्रतिशत के स्तर पर रहे, जिसमें ऊपर-नीचे दो प्रतिशत तक घट-बढ़ हो सकती है। जनवरी से खुदरा मुद्रास्फीति छह प्रतिशत से ऊपर बनी हुई है,खुदरा महंगाई के आंकड़े जारी होने से पहले ही विशेषज्ञों ने अनुमान जताया था कि अप्रैल में इसकी दर बढ़कर 7.5 फीसदी पर पहुंच सकती है, लेकिन जो आंकड़े सामने आए वे पुर्वानुमान से भी ज्यादा निकले। गौरतलब है कि सीपीआई पहले से ही सरकार की ओर से तय किए गए लक्ष्य से ऊपर चल रही है।

1031 views