सपा से आए एमएलसी को भाजपा नहीं करेगी निराश, पार्टी की ओर से 36 एमएलसी प्रत्याशी तय:नाम की घोषणा बाकी*
उत्तर प्रदेश के विधान परिषद के चुनाव में भी भारतीय जनता पार्टी पूरी तैयारी के साथ उतर रही है। होम वर्क के बाद प्रत्याशियों के भी नाम तय हो गए हैं। इसके लिए जिलों से आए चार-पांच दावेदारों के पैनल पर मंथन के बीच में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 से पहले समाजवादी पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने वाले विधान परिषद सदस्यों की दावेदारी को भी किनारे नहीं किया गया है।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सरकारी सरकारी आवास पर सोमवार को कोर कमेटी की बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश प्रभारी राधा मोहन सिंह, प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह, प्रदेश महामंत्री संगठन सुनील बंसल, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और डा. दिनेश शर्मा ने इन पैनल में शामिल नामों पर विचार-विमर्श किया। इनके साथ संगठन के अन्य पदाधिकारी भी थे। कोर कमेटी की बैठक में प्रत्याशियों के नाम पर सहमति बन चुकी है और अब सिर्फ घोषणा बाकी है।विधानसभा चुनाव में अकेले 255 और गठबंधन सहयोगियों के साथ मिलकर 273 सीटें जीतकर पूर्ण बहुमत प्राप्त करने वाली भाजपा की नजर अब विधान परिषद पर है। समाजवादी पार्टी के बहुमत वाले परिषद में अपना दमखम बढ़ाने के लिए सत्ताधारी दल ने विधान परिषद (स्थानीय निकाय) की 36 सीटों के लिए प्रत्याशी चयन पर अंतिम मंथन कर लिया है। इन सीटों के लिए सभी जिलों से चार-पांच दावेदारों के नाम पैनल में थे। भाजपा के प्रत्याशियों के नाम पर सहमति पहले ही बन चुकी थी, इसी बीच फरवरी में नामांकन प्रक्रिया शुरू भी कर दी गई थी, जो कि दो दिन बाद ही विधानसभा चुनाव संपन्न होने तक के लिए स्थगित कर दी गई। विधानसभा चुनाव के परिणाम सामने आ चुके हैं। ऐसे में प्रदेश नेतृत्व ने हार-जीत के क्षेत्रों के आधार पर नए समीकरण ध्यान में रखकर समीक्षा की है।






