दलबदलुओं को मतदाताओं ने सिखाया सबक, भाजपा छोड़कर सपा में गए दो मंत्री चुनाव हारे*
राजनीति के मौसम वैज्ञानिक कहे जाने वाले स्वामी प्रसाद मौर्य इस बार उत्तर प्रदेश की राजनीति का मौसम भांपने में चूक गए। चुनाव की घोषणा से ऐन पहले मंत्री पद छोड़कर सपा का दामन थामने वाले मौर्य खुद भी अपनी सीट नहीं बचा पाए। इस बार उन्होंने अपनी पडरौना सीट के बजाय फाजिलनगर से चुनाव लड़ा था। दल व सीट बदलने वाले मौर्य को फाजिलनगर की जनता ने नकार दिया है।भाजपा छोड़ते ही स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा था ‘…नाग रूपी आरएसएस और सांप रूपी भाजपा को स्वामी रूपी नेवला यूपी से खत्म करके ही दम लेगा।’ चुनाव हारने के बाद विजयी प्रत्याशियों को बधाई देते हुए कहा कि ‘जनादेश का सम्मान करना हूं। चुनाव हारा हूं हिम्मत नहीं।’भाजपा छोड़कर सपा में आने वाले तीन मंत्रियों में से दो मंत्री चुनाव हार गए हैं। एक मंत्री अपनी सीट बचाने में कामयाब रहे। आयुष मंत्री पद से इस्तीफा देकर सपा में आए धर्म सिंह सैनी भी सहारनपुर की नकुड़ से चुनाव हार गए हैं। पाला बदलने वाले धर्म सिंह सैनी को जनता ने नकार दिया है। वन मंत्री पद छोड़कर सपा में आए दारा सिंह चौहान मऊ की घोसी सीट से कांटे की टक्कर के बाद चुनाव जीत गए हैं। इस बार उन्होंने अपनी सीट बदलते हुए मधुबन के बजाय घोसी से चुनाव लड़ा था। सपा छोड़कर भाजपा में गए मुलायम सिंह यादव के समधी हरिओम यादव भी सिरसागंज से चुनाव हार गए हैं.






