कलेक्टर नीरज कुमार सिंह स्वयं किसानों के खेतों में पहुंचकर फसलों का जायजा लिया।
यही नहीं कीचड़ में गीली मिट्टी और पैर फिसलने की संभावनाओं से भी नहीं रुके बल्कि इतने बारिश के कीचड़ में खेतों में पहुंचकर उन्होंने यह साबित कर दिया कि ने किसानों की चिंता है एक आईएएस अधिकारी इससे पहले राजगढ़ जिले में इतने कीचड़ वाले खेत में कभी नहीं देखा गया अगर ऐसे कलेक्टर मध्यप्रदेश के हर जिले में हो तो निश्चित ही भारत के किसानों के साथ साथ इस देश की अर्थव्यवस्था और पिछड़ापन निश्चित ही जड़ से समाप्त हो जाएगा। आप इन तस्वीरों को देखकर अनुमान लगा सकते हैं कि रात को हुई तेज बरसात मैं खेतों में जहा पानी बहरा रहा है वहां से निकलना कितना मुश्किल होता है लेकिन राजगढ़ कलेक्टर महोदय खुद कीचड़ पानी सेना डरते हुए किसानों के खेतों में पहुंचकर उनकी फसलों का जायजा लिया। आपको बता दें कि कलेक्टर ने आज दुरस्थ ग्राम दलापुर स्थित वनभूमि का जायजा भी लिया। कलेक्टर श्री नीरज कुमार सिंह ने आज वनाधिकार अधिनियम अन्तर्गत वनभूमि के पट्टे के संबंध में ब्यावरा विकासखण्ड के अन्तर्गत दूरस्थ अंचल के ग्राम दलापुरा के समीप स्थित वनभूमि एवं राजस्व भूमि का जायजा लिया तथा आवष्यक दिशा निर्देष दिये इस अवसर पर वनमण्डल अधिकारी, श्री एच.एस. मांझी, एस.डी.एम. श्री संदीप अस्थाना, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, वनविभाग एवं राजस्व विभाग के अधिकारी, कर्मचारी साथ थे।
कलेक्टर श्री सिंह ने कीचड़ में पैदल चलकर ग्राम दलापुर पहुँचे। रास्ते में उन्होने सोयाबीन फसल का भी अवलोकन किया। उन्होने ग्राम में प्रधानमंत्री आवास के हितग्राही से प्राप्त किस्तों की जानकारी ली। वन भूमि के अवलोकन के दौरान नायब तहसीलदार सुठालिया द्वारा ग्राम की राजस्व एवं वन भूमि की सीमाओं की जानकारी दी।







