मप्र: बसों के चलने का इंतजार:बस ऑपरेटर्स का पांच माह का टैक्स माफ कर सकती है शिवराज सरकार;
अंतिम फैसला सीएम करेंगे, इसके बाद शुरू हो जाएगा बसों का संचालन
भोपाल.मध्य प्रदेश सरकार बस ऑपरेटर्स का पांच माह का टैक्स माफ कर सकती है। ऐसे संकेत मिले हैं कि वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा और परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूज ने बस ऑपरेटर्स की मांगों को सैद्धांतिक सहमति दे दी है और इसकी रिपोर्ट सीएम शिवराज सिंह चौहान को भेज दी है, अब इस पर अंतिम फैसला सीएम को करना है। सीएम के फैसला लेने के बाद बसों का संचालन प्रदेशभर में शुरू हो जाएगा।
असल में कोरोना संकट की वजह से राजधानी भोपाल समेत प्रदेश में 5 महीने से बसों के पहिए थमे हुए हैं। बस ऑपरेटर्स लगातार सरकार से रोड टैक्स समेत अन्य टैक्स माफ करने की मांग कर रहे थे, इसे लेकर कुछ दिन पहले ही परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत और परिवहन आयुक्त मुकेश जैन से मुलाकात की थी। तब परिवहन मंत्री ने बस ऑपरेटर्स को आश्वस्त किया था कि उनकी मांगों पर विचार किया जाएगा। इसके बाद परिवहन मंत्री ने वित्त विभाग को अपनी रिपोर्ट भेज दी थी।
सूत्र बताते हैं कि परिवहन मंत्री की रिपोर्ट पर विचार करने के बाद वित्त विभाग ने पांच महीने का रोड टैक्स माफ करने को लेकर सैद्धांतिक सहमति दे दी है। इसी सिलसिले में मंगलवार को बस ऑपरेटर्स वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा से मिले भी थे। मंत्री देवड़ा ने कहा था कि आपकी मांग जायज है, जब बसें चली ही नहीं तो फिर टैक्स किस बात का देना है। बताया जा रहा है कि मंत्रियों का फीडबैक मिलने के बाद शिवराज सिंह चौहान अंतिम फैसला करेंगे। अगर मंजूरी मिली तो अगले हफ्ते से बसों का संचालन भी शुरू हो जाएगा।
50% बसें ही चल पाएंगी
बसों का संचालन यदि शुरू भी हो गया तो कोरोना प्रोटोकॉल के चलते पहले के मुकाबले 50 फीसदी क्षमता से ही बसों का संचालन किया जाएगा। यानी जिस रूट पर 15 से 20 बसें चलती थीं, उस रूट पर 10 बसें ही संचालित की जाएंगी। सवारियों को बैठाने के लिए भी कोरोना प्रोटोकाल का पालन करना होगा।







