इंदौर में गर्मी से पहले मैंटेनेस का कार्य फरवरी में करे
पालदा में बिल भरने की सुविधा का काउंटर खोला जाएगा
-सहज भुगतान सेवा वाहन गांवों में नियत तारीख को पहुंचे
इंदौर। इंदौर शहर में बिजली मांग गर्मी में साठ फीसदी तक बढ़ेगी, इस वर्ष यह मांग 1.20 करोड़ यूनिट प्रतिदिन तक जाने की संभावना हैं, ऐसे में शहर के इंजीनियर मैंटेनेस जैसे जरूरी काम फरवरी में पूर्ण कर ले। मार्च में परीक्षाएं होगी, साथ ही गर्मी बढ़ने लगेगी, ऐसे में फरवरी के शेष दिनों में ही मैंटेनेंस के जरूरी काम निपटा लिए जाए।
ये निर्देश मप्रपक्षेविविकं के प्रबंध निदेशक श्री विकास नरवाल ने दिए। मंगलवार की शाम उन्होंने शहर अधीक्षण यंत्री श्री अशोक शर्मा को शहर में कृषि के कनेक्शनों की बकाया राशि जमा कराने के लिए अमला लगाने, बिलिंग एफिशिएंसी बढ़ाने, ट्रांसफार्मरों के इनपुट एवं बिलिंग की सतत देखरेख करने, क्लीयर पीएमआर पर ज्यादा फोकस करने के निर्देश दिए। पालदा में श्रमिक बस्ती में बिजली बिल भरने के लिए काउंटर खोलने के भी निर्देश दिए गए। श्री नरवाल ने शहर के पांचों कार्यपालन यंत्री सर्वश्री योगेश आठनेरे, राजेश हरोड़े, डीके तिवारी, मानेंद्र गर्ग, आरपी सिंह को अपने सभी जोन की सतत जानकारी लेने एवं उपभोक्ता शिकायतों के समय पर समाधान के लिए कहा। आलीराजपुर के कार्यपालन यंत्री को कंपनी क्षेत्र में सबसे कम बिल रिकवरी 1.21 लाख में से 25 हजार उपभोक्ता पाए जाने पर तत्काल सुधार को कहा गया। बड़वाह, बड़वानी, सेंधवा, खंडवा शहर, खंडवा ग्रामीण, बुरहानपुर, कुक्षी को भी परफामेंस सुधार के निर्देश दिए गए।
1 अप्रैल से कंपनी कैशलैस मोड पर
श्री नरवाल ने कहा कि हमारे कार्यालयों पर 31 मार्च तक ही कैश स्वीकारा जाएगा, इसके बाद कैशलैस मोड पर कंपनी काम करेगी। उपभोक्ता नेट बैंकिंग, क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड, चैक, पेटीएम, पेफोन, गुगुल पे, एयरटेल मनी या अन्य कैशलैस विकल्प से बिलों का भुगतान कर सकेंगे। इस प्रक्रिया से उपभोक्ताओं को कैशलैस पेमेंट की रिबेट भी मिलेगी। उन्होंने कहा कि किसी भी उपभोक्ता को अप्रैल से हाथ की रसीद नहीं मिलेगी, हमारे सभी 440 भुगतान केंद्रों पर कम्प्यूटराइज्ड काम होगा, आन लाइन पैमेंट स्वीकारा जाएगा। श्री नरवाल ने कहा कि सहज भुगतान सेवा वाहनों के रूट चार्ट इस प्रकार बनाए कि गांव विशेष में पिछले माह की जिस तरीख को वाहन पहुंचा उसी तारीख को अगले माह भी वाहन पहुंचे। भुगतान की अंतिम तारीख एवं वाहन पहुंचने की अंतिम तारीख से उपभोक्ताओ को इसका ज्यादा फायदा होगा।
कालोनाइजरों को ढूंढने का प्रयास करे
श्री नरवाल ने कहा कि इंदौर शहर एवं अन्य स्थानों के कालोनाइजरों पर अस्थाई कनेक्शन के 4 से 5 करोड़ बकाया है। इन्हें ढूंढा जाए, बकाया राशि वसूली जाए। उन्होंने सेफ्टी पर पूरा ध्यान लगाने को कहा, ताकि अनहोनी से बचा जा सके। इंदौर क्षेत्र की बैठक में मुख्यमहाप्रबंधक श्री संतोष टैगोर, निदेशक श्री मनोज झंवर, कार्यपालक निदेशकद्वय श्री संजय मोहासे, श्री गजरा मेहता, मुख्य अभियंता श्री सुब्रतो राय, श्री एसआर बमनके, श्री आरएस खत्री, अधीक्षण यंत्री सर्वश्री कामेश श्रीवास्तव इंदौर ग्रामीण, दिलीप गाठे खरगोन, आरके नेगी बड़वानी, एसआर सेमिल खंडवा, एससी वर्मा झाबुआ, एलआर अहिरवार बुरहानपुर भी विचार रखे।
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