संघ प्रमुख मोहन भागवत बोले—‘हिंदू धर्म पंजीकृत नहीं’, पंजीकरण मांग को बताया राजनीति*
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने संघ के पंजीकरण को लेकर उठ रही मांगों को खारिज करते हुए इसे राजनीतिक मुद्दा बताया है। उन्होंने कहा कि “हिंदू धर्म पंजीकृत नहीं है, कई चीजें पंजीकृत नहीं होतीं।” केरल के त्रिशूर में आयोजित आरएसएस के शताब्दी संपर्क कार्यक्रम के बाद सवालों का जवाब देते हुए भागवत ने कहा कि जो संगठन सरकार से वित्तीय सहायता लेते हैं, उनके लिए पंजीकरण आवश्यक होता है, लेकिन आरएसएस अपने कार्य स्वतंत्र रूप से संचालित करता है और उसके पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है। कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियंक खरगे की पंजीकरण संबंधी मांग पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि संगठन पिछले कई दशकों से अपनी गतिविधियां खुले तौर पर चला रहा है और 1950 में ही सरकार को अपना लिखित संविधान सौंप चुका है। उन्होंने कहा कि पिछले 100 वर्षों में कभी किसी अधिकारी ने पंजीकरण की अनिवार्यता नहीं बताई। इस बीच, केरल में कार्यक्रम में तीन विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की मौजूदगी को लेकर राजनीतिक विवाद भी खड़ा हो गया है।






