*RBI गवर्नर ने माना: घरेलू अर्थव्यवस्था की गति पड़ रही धीमी*
भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने माना कि इस समय घरेलू अर्थव्यवस्था की गति धीमी पड़ रही है और इसके सामने आंतरिक और बाहरी दोनों स्तर पर कई चुनौतियां हैं.
शक्तिकांत दास का यह वक्तव्य ऐसे समय आया है जबकि देश के कारोबार जगत के बड़े लोग हाल में बजट में उठाए गए कुछ कदमों को लेकर सरकार से नाखुश हैं. इनमें धनिकों और विदेशी पोर्टफालियो निवेशकों (FPI) पर आयकर अधिभार (Income Tax surcharge) की दर में बढ़ोतरी भी शामिल है.
*13 फीसदी टूटा शेयर बाजार*
आयकर अधिभार बढ़ाए जाने के बाद से FPI ने शेयर/बॉन्ड बाजार में बिकवाली बढ़ा रखी है. इससे 5 जुलाई के बाद प्रमुख शेयर सूचकांक 13 फीसदी से अधिक गिर चुके हैं.
रिजर्व बैंक के गवर्नर दास ने यहां उद्योग मंडल फिक्की द्वारा आयोजित राष्ट्रीय बैंकिंग सम्मेलन में कहा, ‘अखबार पढ़ कर या बिजनेस टीवी चैनल को देख कर मुझे लगता है कि (लोगों के) मन में पर्याप्त उत्साह और उमंग नहीं है.’लोगों को समझना चाहिए कि अर्थव्यवस्था में चुनौतियां जरूर है. कुछ क्षेत्र विशेष से जुड़े मसले हैं और अनेक वैश्विक और बाहरी चुनौतियां हैं.
दास ने कहा कि वित्तीय क्षेत्र, व्यावसायिक समुदाय, नीति नियंताओं और हम विनियामकों को मिल कर चुनौतियों का सामना करना चाहिए और भविष्य को अधिक आत्मविश्वास से देखना चाहिए.
*GDP ग्रोथ घटाया*
गौरतलब है कि आरबीआई (RBI) ने अपनी पिछली नीतिगत समीक्षा बैठक के समय चालू वित्त वर्ष में आर्थिक वृद्धि के अपने अनुमान को सात फीसदी से घटा कर 6.9 फीसदी कर दिया है.






