*बजट से गारमेंट उद्योग को बड़ी उम्मीद*
*लागत घटे, ऋण सस्ता मिले और बाजारों को मिले आधारभूत सुविधाएँ: अक्षय जैन*
इंदौर। मध्यप्रदेश का बजट पेश होने से पहले गारमेंट उद्योग ने सरकार से ठोस और दीर्घकालिक राहत की अपेक्षा जताई है। इंदौर रिटेल गारमेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अक्षय जैन ने कहा कि प्रदेश का गारमेंट सेक्टर रोजगार सृजन और राजस्व में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है, ऐसे में बजट में उद्योग को मजबूती देने वाले प्रावधान किए जाने चाहिए।
उन्होंने कहा कि बढ़ती लागत, बिजली शुल्क और संचालन व्यय के कारण खुदरा एवं थोक व्यापार पर दबाव बढ़ा है। बजट में बिजली दरों में राहत और स्थानीय करों में तर्कसंगत संशोधन से व्यापार को संबल मिल सकता है।
अक्षय जैन ने कार्यशील पूंजी के लिए कम ब्याज दर पर ऋण सुविधा और ब्याज अनुदान योजना लागू करने की मांग की। उनका कहना है कि छोटे और मध्यम व्यापारी महंगे वित्तीय संसाधनों के कारण प्रतिस्पर्धा में पिछड़ रहे हैं। यदि सरकार सस्ती ऋण सुविधा उपलब्ध कराए तो उत्पादन और बिक्री दोनों को गति मिलेगी।
उन्होंने शहर के प्रमुख बाजारों में पार्किंग और लॉजिस्टिक्स सुधार के लिए विशेष बजट प्रावधान की आवश्यकता भी बताई। “व्यापार सुचारू तभी चलेगा जब ग्राहकों को सुविधा और व्यवस्थित बाजार वातावरण मिलेगा,” उन्होंने कहा।
डिजिटल बिलिंग, ई-कॉमर्स से जुड़ाव और निर्यात प्रोत्साहन योजनाओं को भी बजट में प्राथमिकता देने की मांग की गई है। अक्षय जैन ने कहा कि यदि राज्य सरकार गारमेंट उद्योग को नीति आधारित दीर्घकालिक समर्थन देती है, तो मध्यप्रदेश राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी टेक्सटाइल हब बन सकता है।
उन्होंने आशा व्यक्त की कि आगामी बजट में व्यापारी वर्ग की अपेक्षाओं को स्थान मिलेगा और उद्योग को नई ऊर्जा प्रदान करने वाले निर्णय लिए जाएंगे।






