दूसरी तिमाही में 8.2% की GDP ग्रोथ, अर्थव्यवस्था में तेजी लेकिन मध्यम वर्ग पर दबाव बरकरार*
वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही में भारत की जीडीपी वृद्धि 8.2% रही, जो पिछले साल की समान तिमाही के 5.6% से काफी अधिक है। यह छह तिमाहियों में सबसे तेज वृद्धि है। हालांकि, अर्थव्यवस्था में आई तेजी के बावजूद मध्यम वर्ग की चुनौतियाँ अभी भी कम नहीं हुई हैं। मुख्य बिंदु कमर्शियल वाहनों की बिक्री में 8.3% वृद्धि, जो आर्थिक गतिविधियों में मजबूती का संकेत है। निर्माण क्षेत्र में तेजी, सीमेंट उत्पादन 7.3% और स्टील खपत 8.8% बढ़ी। कृषि क्षेत्र में राहत, चावल उत्पादन 1.1% से बढ़कर 2.9% हुआ, जिससे खाद्य महंगाई घटने की उम्मीद। निजी कार बिक्री धीमी, वृद्धि दर 9.9% से घटकर 5.9%—मध्यम वर्ग पर महंगाई और ब्याज दरों का असर स्पष्ट। डिजिटल सब्सक्रिप्शन में तेजी, टेलीफोन यूजर्स 3.2% बढ़े, ग्रामीण क्षेत्रों में भी डिजिटल विस्तार। चुनौतियाँ सप्लाई साइड मजबूत होने के बावजूद डिमांड साइड, खासकर मध्यम वर्ग की उपभोग क्षमता कमजोर बनी हुई है। विशेषज्ञों के अनुसार, आगे की वृद्धि काफी हद तक उपभोग बढ़ने और ब्याज दरों में राहत पर निर्भर करेगी।






