अचार्य श्री भिक्षु की 300 वीं जन्म जयंती के उपलक्ष्य मे विशेष आवरण का अनावरण कार्यक्रम GPO परिसर मे सम्पन्न*

*क्रांति पुरुष की क्रांति को किया वर्धापित*

*अचार्य श्री भिक्षु की 300 वीं जन्म जयंती के उपलक्ष्य मे विशेष आवरण का अनावरण कार्यक्रम GPO परिसर मे सम्पन्न*

सम्माननीय समस्त समाजजन
सादर जय जिनेन्द्र
हम सभी का परम सौभाग्य है कि हमारा समग्र तेरापंथ धर्म संघ परम पुज्य गुरूदेव आचार्य श्री महाश्रमणजी की असीम कृपा से एंव गुरुदेव के सानिध्य मे आचार्य श्री भिक्षु की 300वीं जन्म जयंती वर्ष मना रहा है….इसी संदर्भ मे जैन श्वेताम्बर तेरापंथी महासभा एवं श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा इंदौर के तत्वावधान मे आज भारतीय डाक तार विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित विशेष आवरण अनावरण ( आचार्य श्री भिक्षु पर आधारित पोस्टल लिफाफा) कार्यक्रम मुनिश्री अर्हंत कुमारजी एंव मुनिश्री जयदीप कुमारजी के पावन सानिध्य मे GPO INDORE प्रांगण मे प्रारंभ हुआ…. कार्यक्रम के शुभारंभ मे सर्व प्रथम तेरापंथ सभा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एंव इस अनावरण कार्यक्रम के मुख्य संयोजक श्रीमान रमेशजी कोठारी ने इस विशेष पोस्टल लिफाफे के महत्व धर्म संघ की प्रभावना आदि के बारे मे विस्तार से बताया….साथ ही इस पुरे प्रोजेक्ट मे जिनका विशेष सहयोग मिला उनके प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया…. मुनिश्री जयदीप कुमारजी ने अपने प्रवचन मे फरमाया कि आचार्य श्री भिक्षु के सिद्धांत एंव आदर्श हम सभी के लिए प्रेरणास्पद है एंव आचार्य भिक्षु हमारे प्रेरणास्त्रोत है…. मुनिश्री अर्हंत कुमारजी ने अपने प्रवचन मे फरमाया कि
इतिहास उम्र के पैमानों से नहीं कर्तृत्व की तेजस्विता से बनता है। यह उन जीए गए क्षणों का अक्षयकोष होता है जिसका प्रत्येक अंश वर्तमान के लिए प्रेरणा का अभिनव दीप बन जलता है।
इतिहास के उज्जवल प्रष्ठों पर उन्ही का स्वर्णिम आलेख मिलेगा जिन्होंने प्रतिकूल परिस्थिति में भी सत्य को जिया और उसी के प्रकाश से विश्व को प्रकाशित किया। ऐसे ही एक इतिहास पुरुष हुए – तेरापंथ के आद्यप्रवर्तक आचार्य भिक्षु की जन्म भूमि होने का गौरव राजस्थान के कंटालिया ग्राम को प्राप्त हुआ। उनका लक्ष्य कतीय पथ बनाना नहीं था, उनका लक्ष्य था संयम की शुद्ध साधना पर चरण बढ़ते गए और पंथ बनता गया। उन्होंने जैन धर्म को जन धर्म बनाने का अथक प्रयास किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही सुश्री. प्रीतीजी अग्रवाल ने अपने उद्बोधन मे विशेष आवरण के महत्व को बताया व मुनिश्री के प्रति सम्पूर्ण जीपीओ परिवार की ओर से कृतज्ञता ज्ञापित की…इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि हमारे तेरापंथ धर्मसंघ के प्रति समर्पित एडीशनल कलेक्टर श्रीमान सिद्धार्थ जी जैन ने अपने उद्बोधन मे कहां कि आचार्य भिक्षु एक आर्दश व्यक्तित्व थे ऐसे व्यक्ति के मर्यादा, अनुशासन व आदर्शों को जन जन तक पहुचाना हम सभी का परम कर्तव्य है…ओर यह विशेष आवरण इसमे सहायक सिद्ध होगा…. तेरापंथ सभा इंदौर अध्यक्ष श्रीमान निर्मलजी नाहटा ने पोस्ट मास्टर जनरल इंदौर परिक्षैत्र सुश्री प्रीतिजी अग्रवाल एंव इस कड़ी के सभी सहयोगी साथियों का व महासभा का धन्यवाद ज्ञापित किया.. कार्यक्रम की इसी कड़ी मे फिलेटीलिस्ट श्रीमान उमेशजी नीमा, सिनियर पोस्ट मास्टर श्रीमान श्री निवासजी जोशी ने अपना स्वागत उद्बोधन प्रस्तुत किया….साथ ही इंदौर संभाग पुस्तकालय संध के अध्यक्ष श्रीमान जी. डी. अग्रवाल साहब की विशेष उपस्थिति रही…व उनकी ओर से सम्मान भी किया गया… कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्रीमान सिद्धार्थजी जैन ( एडीशनल कलेक्टर) विशेष अतिथि श्रीमान निर्मलजी नाहटा (इंदौर सभा अध्यक्ष) एंव कार्यक्रम संयोजक श्रीमान रमेशजी कोठारी का सम्मान जीपीओ परिवार की ओर से किया गया….एंव तेरापंथ सभा इंदौर की ओर से कार्यक्रम अध्यक्ष सुश्री. प्रीतीजी अग्रवाल (पोस्ट मास्टर जनरल इंदौर परिक्षैत्र) मुख्य अतिथि, श्रीमान सिद्धार्थजी जैन ,श्री उमेशजी नीमा, श्री श्रीनिवासजी जोशी, जी. डी. अग्रवाल साहब, का सम्मान साहित्य एंव दुप्पटे से किया गया ….इस कार्यक्रम मे तेरापंथ महिला मंडल, युवक परिषद, प्रोफेशनल फोरम के अध्यक्ष, मंत्री पदाधिकारीगण, एव तेरापंथ समाज के भाई बहिनों की भी विशेष उपस्थिति रही, कार्यक्रम का सफल संचालन श्रीमती पखुंडीजी भसांली ने किया एंव आभार तेरापंथ सभा मंत्री राकेश भंडारी ने प्रस्तुत किया….इस प्रकार आज का यह विशेष आवरण अनावरण कार्यक्रम समस्त समाजजन की विशेष साक्षी मे सांनद सम्पन्न हुआ

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