तपस्या से संयम, धैर्य, आत्मबल की प्राप्ति होती है महासती प्रियदर्शना जी महाराज

महालक्ष्मी नगर जैन स्थानक
30 अगस्त 2025
*तपस्या मानव जीवन का श्रंगार है*

*तपस्या से संयम, धैर्य, आत्मबल की प्राप्ति होती है*

*महासती प्रियदर्शना जी महाराज*

महालक्ष्मी जैन स्थानक भवन मे आज किर्ति पियूष पोखरना के 11उपवास के पच्छखान का तप महोत्सव हुआ मा.सा प्रियदर्शना जी ने तप के उपर अच्छे से समझाते हुए कहा कि यह तप मार्ग जीवन के उच्च आदर्शों की और ले जाने वाला है आपने तपस्या करके न केवल अपनी आत्मा को बल प्रदान किया है बल्कि समस्त समाज को भी संयम, धैर्य, और तप की प्रेरणा दी है। धन्य है आप और आपका परिवार जो तप के मार्ग पर चलते हुए अपने कर्मो की निर्जरा की है।
साथ ही कल्पदर्शना जी मा.सा.ने ने भी तपस्या पर गीत के माध्यम से तप के बारे मे बताया की तप मानव जीवन का श्रंगार है।
संघ द्वारा तपस्वी कीर्ति पोखरना का सम्मान किया गया इस अवसर पर रितेशजी कटकानी, पारसजी जैन
मनासा, अभय जी पोखरना, लोकेन्द्रजी पोखरना, जवाहर जी भंडारी मंदसौर ,चोरड़िया परिवार मलकापुर , अन्य शहरों से सम्माननीय पदाधिकारी गण ,महालक्ष्मी नगर संघ के समस्त ट्रस्टीगण, पदाधिकारी, सदस्य गण आदी श्रावकगण उपस्थित थे सभी महानुभावो का शब्दो से स्वागत संघ के अध्यक्ष विरेन्द्र नाहर ने किया ,संचालन भगवतीलाल भटेवरा ने किया कार्यक्रम के पश्चात गोतम प्रसादी का लाभ रवि पोखरना परिवार की तरफ से था संघ की और से आपका बहुत बहुत धन्यवाद, और आभार व्यक्त किया।

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