हेलमेट के नियम कड़े, पर खस्ताहाल सड़कों पर जिला प्रशासन मौन – अब जानलेवा गड्ढों के लिए किस पर होगी कार्रवाई
*शालीमार टाउनशिप से सत्य साईं चौराहे तक आधे घंटे में 20 से ज्यादा हादसे; सड़क के बीच 3 इंच का खतरनाक गैप बनी वजह
इंदौर, इंदौर का एबी रोड एक बार फिर सुर्खियों में है, लेकिन इस बार किसी अच्छी वजह से नहीं। शालीमार टाउनशिप के सामने बीते आधे घंटे में 20 से ज्यादा एक्सीडेंट होने की खबर ने पूरे शहर में हड़कंप मचा दिया है। जहां एक तरफ जिला प्रशासन और पुलिस हेलमेट को लेकर कड़े नियम लागू कर सख्ती बरत रही है, वहीं दूसरी तरफ शहर की खस्ताहाल सड़कें खुद लोगों की जान की दुश्मन बन रही हैं। सवाल यह उठता है कि सिर्फ हेलमेट पहनने से कैसे लोगों की जान बचेगी जब खुद सड़क ही हादसों की वजह बन रही है?
इन हादसों की मुख्य वजह शालीमार टाउनशिप से लेकर सत्य साईं चौराहे तक सड़क के बीच का गैप है। यह गैप एक तरफ से 2 से 3 इंच तक धंस गया है। इस खतरनाक गड्ढे से गुजरने वाले दोपहिया और चार पहिया वाहन अचानक से अनियंत्रित हो जाते हैं, जिससे आए दिन दुर्घटनायें हो रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह स्थिति पिछले दो महीनों से बनी हुई है और रोज यहां छोटे-बड़े एक्सीडेंट हो रहे हैं।
जिला प्रशासन ने हाल ही में हेलमेट पहनने को लेकर जो कड़े नियम लागू किए हैं, वे लोगों की सुरक्षा के लिए सराहनीय हैं। हेलमेट नहीं पहनने पर तो तुरंत चालान काट दिए जाते हैं, लेकिन जब सड़क ही गड्ढों से भरी हो और आए दिन हादसे हो रहे हों, तो क्या हेलमेट लोगों को बचा पाएगा? लोगों की जान को खतरे में डालने वाली इन सड़कों के लिए कौन जिम्मेदार है? क्या अब सड़क निर्माण विभाग के अधिकारियों पर भी कोई कार्रवाई होगी या सिर्फ जनता पर ही नियम थोपकर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर ली जाएगी?






