मोहन भागवत ने कहा : भारत को शक्तिशाली और नैतिक बनाना है जरूरी*
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने हिंदू समाज की एकता और भारत की ताकत बढ़ाने पर जोर देते हुए कहा है कि देश को सैन्य और आर्थिक रूप से इतना मजबूत बनाया जाए कि विश्व की ताकतें भी उसे हरा न सकें। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि केवल शक्ति ही काफी नहीं, बल्कि नैतिकता, सद्गुण और धर्मनिष्ठा भी आवश्यक हैं।भागवत ने कहा कि बिना नैतिकता के शक्ति अंधी और हिंसक बन सकती है। उन्होंने बताया कि भारत को अपनी सीमाओं की रक्षा के लिए खुद को मजबूती से सशक्त बनाना होगा। यह बातचीत आरएसएस के मुखपत्र ‘ऑर्गनाइजर’ में प्रकाशित हुई है, जो बंगलूरू में हुई संघ की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा के बाद हुई थी। भागवत ने स्पष्ट किया कि यह ताकत राज करने के लिए नहीं, बल्कि शांति, स्वास्थ्य और सम्मान के लिए चाहिए।






