PM मोदी की आपत्ति के बाद सांसदों के वेतन वृद्धि तंत्र में हुआ कानूनी बदलाव*
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2016 में सांसदों के वेतन वृद्धि तंत्र में सुधार किया, जिससे वेतन महंगाई दर के आधार पर स्वचालित रूप से बढ़ने लगा। 2018 के वित्त अधिनियम ने सांसदों के वेतन, भत्ते और पेंशन को मुद्रास्फीति से जोड़ दिया। इसके परिणामस्वरूप सांसदों को अब प्रति माह 1.24 लाख रुपये वेतन मिलेगा, जो सात साल में 24% की वृद्धि है। इसके विपरीत, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल और अन्य राज्यों में मुख्यमंत्री और विधायकों के वेतन में मनमानी वृद्धि की जा रही है।






