सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर की धरती पर वापसी, लेकिन घर पहुंचने में अभी समय*
अंतरिक्ष से लौटने के बाद सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर को फिलहाल नासा के जॉनसन स्पेस सेंटर में रखा जाएगा। गुरुत्वाकर्षण के अनुरूप शरीर को ढालने और सेहत पर नजर रखने के लिए उन्हें 45 दिनों तक विशेष देखभाल में रखा जाएगा। अंतरिक्ष यात्रियों को माइक्रोग्रेविटी के कारण हड्डियों और मांसपेशियों की कमजोरी, बैलेंस की समस्या, स्पेस एनीमिया, ब्रह्मांडीय विकिरण से डीएनए क्षति जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। साथ ही, भारहीनता के कारण रीढ़ की हड्डी पर असर पड़ता है, जिससे पीठ दर्द और चलने में दिक्कत हो सकती है। नासा के मुताबिक, अंतरिक्ष में लंबे समय तक रहने के कारण दिल की संरचना में भी बदलाव आ सकता है, जिससे हृदय की कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है। सुनीता विलियम्स, जो अंतरिक्ष में मैराथन दौड़ने वाली पहली व्यक्ति हैं, अब पुनर्वास प्रक्रिया से गुजरेंगी ताकि उनके शरीर को पृथ्वी के माहौल के अनुकूल किया जा सके।






