डॉलर के मुकाबले रुपये में गिरावट, आरबीआई की नीतियों का असर*
भारतीय मुद्रा के प्रबंधन में आरबीआई द्वारा किए गए नीतिगत बदलावों से रुपये में गिरावट दर्ज की गई है। 2025 के पहले दो महीनों में डॉलर के मुकाबले रुपया 1.8% कमजोर हो चुका है, जो 2024 में दर्ज 3% गिरावट का लगभग आधा है। यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा के अधिक लचीले रुख के कारण रुपये पर दबाव बढ़ा है। इसके अलावा, वैश्विक व्यापार अनिश्चितताओं और अमेरिकी व्यापार नीतियों से बाजार में अस्थिरता बढ़ी है। नई नीति के तहत आरबीआई रुपये को अधिक स्वतंत्रता दे रहा है, जबकि पूर्व गवर्नर शक्तिकांत दास ने रुपये को स्थिर रखने पर जोर दिया था। फरवरी में रुपया 87 के स्तर को पार कर गया, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ी है






