कांग्रेस ने किया ‘एक देश, एक चुनाव’ का विरोध*
कांग्रेस ने ‘एक देश, एक चुनाव’ की अवधारणा पर अपना पुराना रुख दोहराते हुए इसका कड़ा विरोध किया है। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने बताया कि पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने 17 जनवरी को पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता वाली समिति को चार पन्नों का पत्र लिखकर इस मुद्दे पर पार्टी का दृष्टिकोण स्पष्ट किया था। खरगे ने अपने पत्र में कहा था कि संसदीय शासन प्रणाली में ‘एक साथ चुनाव’ का विचार असंवैधानिक है और यह संविधान की मूल संरचना के खिलाफ है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत जैसे विविधतापूर्ण देश में इस तरह की व्यवस्था के लिए कोई जगह नहीं है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार चुनावी शुचिता से जुड़े मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए ‘एक देश, एक चुनाव’ का मुद्दा उठा रही है। कांग्रेस का मानना है कि इस विचार को लागू करने के लिए संविधान में बड़े बदलाव की आवश्यकता होगी, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत होगा।






