वीगन बनकर पर्यावरण सुरक्षित करें

*वीगन बनकर पर्यावरण सुरक्षित करें*
वीगनवाद पशु उत्पादों के उपयोग से परहेज रखने की प्रथा है विशेष कर आहार में पशुओं से प्राप्त होने वाले हर प्रकार के खाद्य पदार्थ जैसे मांस , दूध से बनने वाले उत्पाद छोड़ देना है , वीगन जीवन शैली में पशुओं से प्राप्त ऊन , चमड़े से बने उत्पाद भी वर्जित होते हैं , जबकि शाकाहारी लोग अभी भी डेयरी उत्पादों और शहद का उपयोग करते हैं *इंदौर वीगन एक्टिविस्ट ग्रुप* के शांतनु जैन एवं *एनवायरनमेंटलिस्ट फाउंडेशन ऑफ इंडिया* के राहुल ने वृक्षारोपण श्रृंखला में उक्त बात कही , मीडिया प्रभारी एम के जैन ने बाताया कि संरक्षित कनाड़िया तालाब के किनारे 2.8 एकड़ की जमीन पर 4500 वृक्ष लगाने का लक्ष्य *ई एफ आई* ने निर्धारित किया है , दूसरी कड़ी में स्वयंसेवकों ने 250 पौधे रोपे तथा नियमित सिंचाई एवं संरक्षण की व्यवस्था भी की गई है , स्वयं सेवकों द्वारा वृक्षारोपण की श्रखंला लगातार चलती रहेगी , इस शुभ कार्य मे शहर के युवा उत्साह पूर्वक सम्मिलित होते जा रहे हैं , संस्था के प्रतिभा नागदे , आयुष अग्रवाल , गगन नागदे उपस्थित थे

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