भेरु भक्ति रोकना यानी ३६ कोम का अपमान है : हार्दिक हुंडिया

भेरु भक्ति रोकना यानी ३६ कोम का अपमान है : हार्दिक हुंडिया

३६ कोम का अपमान करने वाले आसित पारिख के ख़िलाफ़ क़ानूनी कार्यवाही हो

परमात्मा के मंदिर को ताला लगाकर तीन दिन बंद रखने वाला आसित परिख अब तीन लोक के नाथ देवाधिदेव परमात्मा पार्श्वनाथ दादा के अधिष्टायक देव भेरु नाथ दादा की भक्ति ना हो इसलिये क़ानूनी नोटिस दे दिया। आसित पारिख ने दादा की भक्ति रुकवाने के लिये जो क़ानूनी नोटिस दी है वो धर्म का अपमान है। भेरु दादा को आज देश की ३६ कोम मानती है उन भेरु दादा की भक्ति ना हो इसलिये जो क़ानूनी नोटिस भेजा है वो ३६ कोम का अपमान है ! अंधेरी जे बी नगर में कांति नगर जैन संघ द्वारा संचालित दादा मुनिसूव्रत स्वामी का मंदिर ट्रस्टीओ की आपस की लड़ाई में तीन दिन बंद कर दिया था । हार्दिक हुंडिया ने बताया कि जैनो के इतिहास में ऐसी घटना पहली बार हुई है जो बहुत ही शर्मसार है। तीन दिन मंदिर को ताला लगाने वाले आसित पारिख ने अब दादा के मंदिर के आंगन में भेरु भक्ति ना हो उसके लिए उनके वकील के द्वारा क़ानूनी नोटिस भेज दी। संघ के अध्यक्ष गौतम भंशाली ने बताया कि दादा भेरुनाथ दादा की भक्ति के साथ बहुत शांति से हुई। मंदिर बनाने वाले परिवार के कई लोग कांति नगर जैन संघ के साथ है। तीन दिन जब मंदिर बंद रहा तब राष्ट्रीय संत निलेश चंद्र विजय, जैन समाज के अग्रणी हार्दिक हुंडिया , विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ता , कांति नगर जैन संघ के सदस्यों की मेहनत रंग लाई और रात को ३ बजे मंदिर के दरवाज़े खुले। संघ के कुछ सदस्यों जो कमिटी में नहीं है उनको कमिटी में आने के लिये संघ में दो भाग करवाके कमिटी में आना चाहते है। आश्चर्यजनक बात तो यह है कि जिनके पूर्वजों ने मंदिर बनाया उनके परिवार का एक लड़का अंदाजीत ४९ साल के बाद आकर मंदिर को ताला मारना कितना व्याजबी ? जब कि वो मंदिर का संचालन कांति नगर जैन संघ कर रहा है। अब भेरु भक्ति का विरोध ! ये कैसा धर्म शिखा है आशित पारिख ने ? हार्दिक हुंडिया ने कहा कि आशित पारिख द्वारा इस तरह से देवों का अपमान सहन नहीं किया जायेगा और ३६ कोम मिलकर के इस के ख़िलाफ़ क़ानूनी कार्यवाही कर सकते है।

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