18 अक्टूबर से बदलेगी बाबा महाकाल की दिनचर्या…भस्मारती, भोग और संध्या आरती सहित इनमें हुआ बदलाव*
कालो के काल बाबा महाकाल के दरबार में प्रत्येक छह महीने में भगवान की आरती के समय में कुछ बदलाव किया जाता है। साल में दो बार सर्दी और गर्मी के मौसम में जहां बाबा महाकाल ठंडा और गर्म जल से स्नान करते हैं। वहीं, गर्मी के मौसम में सूर्य के देर से अस्त होने के कारण संध्या आरती देरी से की जाती है। जबकि सर्दी के मौसम में आधे घंटे पहले इस आरती को किया जाता है।इस वर्ष भी कार्तिक कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा से बाबा महाकाल की दिनचर्या में बड़ा बदलाव होने वाला है, जिसके तहत बाबा महाकाल की सुबह सात बजे होने वाली बाल भोग आरती उसके बाद सुबह 10 बजे होने वाली भोग आरती जहां अब आधे घंटे देरी से होगी। वहीं, शाम को सात बजे होने वाली संध्या आरती आधे घंटे पहले 6.30 पर होगी।






