आरक्षण में क्रीमी लेकर मामला: मायावती बोलीं- सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ संसद में कानून लाए मोदी सरकार*
बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा है कि केंद्र सरकार आरक्षण में क्रीमीलेयर लागू करने और उपवर्गीकरण को लेकर दिए गए सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ संसद में कानून लाकर अपनी स्थिति स्पष्ट करे। उन्होंने कहा कि केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में अनुसूचित जाति और जनजाति से जुड़े इस बेहद महत्वपूर्ण मामले पर मजबूती से पैरवी नहीं की नहीं तो इस तरह का निर्णय न होता। उन्होंने कहा कि भाजपा-कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पहले से ही एससी-एसटी वर्गों के आरक्षण के खिलाफ रही हैं। लोकसभा चुनाव 2024 में कांग्रेस-सपा व अन्य दलों ने आरक्षण और संविधान बचाने की बात कहकर इन वर्गों का समर्थन हासिल कर लिया जिससे कि इन वर्गों की सच्ची हितैषी बसपा को नुकसान हुआ है। अब ये दल भी चुप बैठ गए हैं। इन्हें भी अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। मायावती ने मांग की है कि अब समय की जरूरत है कि हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट के पदों में भी आरक्षण लागू किया जाना चाहिए जिससे कि अनुसूचित जाति और जनजाति के लोगों को इन जगहों पर हिस्सेदारी मिल सके। उन्होंने भाजपा पर सरकारी नौकरियों को खत्म कर आरक्षण को कमजोर करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि एससी-एसटी वर्ग के लिए आरक्षित पदों पर भर्ती न करके भाजपा ने कांग्रेस व सपा की तरह ही इन वर्गों का नुकसान किया है।






