ज्ञानवापी में मिला पूजा करने का अधिकार,श्रीकृष्ण जन्मभूमि भी लेकर रहेंगे: रामभद्राचार्य*
स्वामी रामभद्राचार्य महाराज ने कहा कि ज्ञानवापी में व्यास जी तहखाना में ब्राह्मण पूजा कर सकते हैं। इसी प्रकार का फैसला कृष्ण जन्मभूमि में भी आना है। उन्होंने कहा कि वह यह वचन देते हैं कि हम श्रीकृष्ण जन्मभूमि लेकर रहेंगे। ये बातें उन्होंने गांव लाड़पुर में चल रही रामकथा के दौरान कहीं। कहा कि कुछ शंकराचार्य मुझ पर छींटाकशी कर रहे हैं कि वह जेल नहीं गए, लाठियां नहीं खाईं। वे पता कर सकते हैं कि मैं जेल गया था या नहीं। मैंने लाठियां भी खाई हैं। कोर्ट में भी गवाही दी थी और उससे फैसले की दिशा बदल गई। अब श्रीकृष्ण जन्मभूमि की गवाही से फैसला आएगा। कहा कि पूरा वातावरण राममय हो चला है। लोकसभा 2024 का चुनाव आ रहा है। सभी प्रतिज्ञा लें, जिस विपक्ष को राम सीता से प्रेम नहीं है, उनको वोट नहीं करना है। विपक्ष रामलला के मंदिर में गया नहीं तो फिर विपक्ष को वोट लेने का क्या अधिकार है।






