एनिमल जैसी हिंसक फिल्मों को सेंसर बोर्ड से मंजूरी मिलने पर कांग्रेस सांसद ने राज्यसभा में उठाए सवाल*
कांग्रेस सांसद रंजीत रंजन ने राज्यसभा में सवाल उठाया कि एनिमल जैसी हिंसक फिल्मों को सेंसर बोर्ड से मंजूरी कैसे मिल जाती है। साथ ही कहा कि फिल्मों में इस तरह हिंसा व तथ्यों को तोड़ मरोड़कर पेश किए जाने से समाज में खासकर युवाओं पर नकारात्मक असर पड़ रहा है। रंजन ने शून्यकाल में कहा कि एनिमल में हिंसा देख उनकी बेटी आधी फिल्म के बाद ही रोती हुई बाहर आ गई। उन्होंने कहा, हिंसा का ऐसा तांडव व फिल्मों के जरिये महिलाओं के अपमान को सही ठहराया जाना उचित नहीं है। कबीर व पुष्पा फिल्म का हवाला देते हुए कहा, ऐसे नकारात्मक चरित्रों को युवा और खासकर 11वीं व 12वीं में पढ़ने वाले बच्चे अपनी प्रेरणा समझने लगते हैं।






