इस्लामिक देश में आकार ले रहे भव्य मंदिर और गुरुद्वारा

इस्लामिक देश में आकार ले रहे भव्य मंदिर और गुरुद्वारा

दुबई में कारोबार के लिए स्थानीय भागीदारी अब अनिवार्य नहीं : डॉ. मतलानी

इंदौर।हिंदू समाज की आकांक्षाओं को पूरा करते हुए इस्लामिक देश संयुक्त अरब अमीरात,यूएई में एक भव्य मंदिर और एक विशाल गुरूद्वारे का निर्माण कार्य प्रगति पर है। पूर्व से स्थापित मंदिर एवं गुरूद्वारे में बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आ रहे हैं।

यह जानकारी दुबई की अनेक संस्थाओं से जुड़े जेएम ग्लोबल ग्रुप ऑफ़ कम्पनीज के चेयरमैन डॉ. जितेंद्र मतलानी ने दी। स्टेट प्रेस क्लब, म.प्र. के ‘संवाद’ कार्यक्रम में डॉ. मतलानी ने बताया कि दुबई में कॉरिडोर ऑफ़ टॉलरेंस में सात चर्च, एक मंदिर और एक गुरूद्वारा है। वर्ष 2012 में जबेल अली एरिया में गुरूद्वारा गुरूनानक दरबार की स्थापना हुई। करीब 25 हजार वर्गफीट क्षेत्र में बने भव्य गुरुद्वारे में प्रतिदिन १० से १५ हजार श्रद्धालु दर्शन एवं लंगर छकने को आते हैं। गुरुद्वारे के समीप ही गत वर्ष लगभग 250 करोड़ की लागत से आकर्षक मंदिर की स्थापना की गई। मंदिर में दर्शन पूजन प्रसादी के साथ नामकरण यज्ञोपवीत एवं विवाह भी होते हैं। मंदिर में सभी प्रमुख भगवानों की प्राण प्रतिष्ठा की गई है।

डॉ. मतलानी ने बताया कि दुबई के साथ ही नज़दीकी आबुधाबी में बोचासनवासी अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण संस्था (बीएपीएस) का कलात्मक मंदिर भी आकार ले रहा है। मंदिर निर्माण में लाल पत्थर राजस्थान से एवं मार्बल इटली से लाया गया। मंदिर की लागत 900 करोड़ रुपये है। मंदिर परिसर करीब 27 एकड़ का है। मंदिर का शुभारंभ फ़रवरी 2024 में अपेक्षित है। इस मंदिर की आधारशिला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2018 में रखी थी। दुबई के हिंदू परिवारों ने अपेक्षा व्यक्त की है कि मंदिर का लोकार्पण भी प्रधानमंत्री मोदी के हाथों हों। उन्होंने बताया कि आबुधाबी में एक अन्य भव्य गुरूद्वारे की आधारशिला रख दी गई है। आबुधाबी के राजा ने गुरूद्वारे के लिए ढाई लाख वर्गफीट जमीन अपनी तरफ से भेंट की है। हाल ही में गुरूपर्व के शुभ अवसर पर गुरूद्वारे का निर्माण कार्य तेजी से प्रारम्भ हो गया है।

मूल रूप से इंदौर निवासी डॉ. मतलानी ने बताया कि भारत के अनेक उद्योगपति दुबई में अपना कारोबार बढ़ा रहे हैं। रियल एस्टेट, क्रूड ऑइल, डायमंड ज्वेलरी, गोल्ड ज्वेलरी, मसाले, हेंडीक्राफ्ट, फ़ूड फ्रूट्स एवं वेजीटेबल्स, कंस्ट्रशन, हैवी मशीनरी कार्यक्षेत्रों में करीब 73 बिलियन डॉलर का व्यापार कर रहे हैं। दूसरी तरफ दुबई की रॉयल फैमिली के लोग भी भारत में कारोबार के लिए तेजी से कदम बढ़ा रहे हैं। उन्होंने साफ़ किया कि यह बात बेबुनियाद है कि दुबई में कारोबार के लिए दुबईवासी को पार्टनर बनाना पड़ता है। वर्ष 2002 के पहले नॉमिनल फीस देकर 51 प्रतिशत का भागीदार बनाया जाता था। अब कोई भी अपना कारोबार लगा सकता है।

डॉ. मतलानी ने बताया कि नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद दुबई सहित विदेशों में भारत एवं भारतीयों के मान सम्मान में बढ़ोतरी हुई है। एक प्रश्न के जवाब में उन्होंने कहा कि भारत में जब-जब सांप्रदायिक तनाव बढ़ता है उसका असर मुस्लिम देशों में देखने को मिलता है। सांप्रदायिक तनाव फैलानेवालों को यह ध्यान रखना चाहिए कि मुस्लिम देशों में सभी धर्मों के भारतीय नागरिक रहते हैं।

डॉ. मतलानी करोना काल में स्वयं के खर्च से 450 से अधिक इंदौरवासियों को विशेष प्लेन से दुबई से इंदौर भेजने और 200 से अधिक ऑक्सीजन कॉन्सेंट्रेटर भेजने को लेकर चर्चाओं में आए थे। डॉ. मतलानी दुबई में 15 बड़ी सामाजिक, व्यावसायिक एवं समाजसेवी संस्थाओं की अगुवाई कर रहे हैं।

प्रारम्भ में स्टेट प्रेस क्लब, मप्र की तरफ से संजीव आचार्य, प्रवीण कुमार खारीवाल,मनोहर लिम्बोदिया,रचना जौहरी,रवि चावला एवं सुदेश गुप्ता ने डॉ. मतलानी का स्वागत एवं स्मृति चिन्ह भेंट किया। अभिषेक बड़जात्या ने आभार माना ।

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