कोर्ट से जीतने के बाद भी प्राधिकरण चलने दे रहा ब्लैक लिस्टेट मेला

कोर्ट से जीतने के बाद भी प्राधिकरण चलने दे रहा ब्लैक लिस्टेट मेला

भारत पहला शुद्ध हिंदू मेला जो शहीद हो गया

इंदौर। मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय इंदौर खंडपीठ से याचिका खारिज होने के बाद भी इंदौर विकास प्राधिकरण विजयनगर चौराहे पर चल रहे मेले को हटा नहीं पा रहा। प्राधिकरण के पदाधिकारी हिन्दू संगठनों के दबाव में कार्रवाई करने से हिचक रहे हैं।
न्यायालय में 21 जून को मेला आयोजक दीपक पंवार की याचिका खारिज हो गई थी। प्राधिकरण के नोटिस अनुसार आयोजक को एक सप्ताह पूर्व ही ब्लैक लिस्ट में डाल दिया गया था। नियम अनुसार प्राधिकरण को मेला आयोजकों से करीब 33 लाख रुपए किराए के लेना है। आयोजकों ने अभी तक मात्र ढाई लाख रुपए जमा किए हैं। आयोजकों ने पांच हजार स्क्वेयर फीट जमीन पर मेले की बजाए लगभग 63 हजार स्क्वेयर फीट एरिये में मेला लगा रखा है।
न्यायालय से याचिका खारिज होने के बाद प्राधिकरण के सहायक यंत्री और कुछ कर्मचारी मेला स्थल पर पहुंचे थे। उन्होंने 5-6 पतरें हटाकर अपने कत्र्तव्य की इतिश्री कर ली। बतातें हैं कि आयोजकों ने आरएसएस और अन्य हिन्दू संगठनों से दो दिन में मेला हटाने की गुहार लगाई। प्राधिकरण ने शुक्रवार को रिमूव्हल की कार्रवाई रोक दी, लेकिन शाम होते ही आयोजकों ने फिर से मेला शुरू कर दिया। शनिवार को भी मेला जारी रहा।
शुक्रवार को आयोजक दीपक पंवार ने कुछ हिन्दू संगठनों के प्रमुखों को एक व्हाटअप मैसेज भेजा। मैसेज में उन्होंने इंदौर शहर में चल रहे अन्य मेलों पर अंगुली उठाई। पंवार द्वारा भेजे गए मैसेज में लिखा गया है-‘भाई साहब पाय लागू।
1.स्कीम नंबर 78 बिना परमिशन के मुसलमानों के झूलों एवं दुकानों के साथ सावन का मेला लगाया जा रहा है। मेले काम शुरू हो गया है झूले लगना चालू हो गए हैं।
2.दशहरा मैदान का मेला फिरोज नाम के व्यक्ति के द्वारा केदारनाथ मंदिर लगाया गया है, भाजपा एवं संगठन के जिन लोगों के फोटो हैं मात्र फोटो के अलावा उनका मेले से कोई लेना-देना नहीं।
भाई साहब विजयनगर खाटू श्याम दरबार मेला जो लगा है वहां शुद्ध रूप से 99.99 प्रतिशत हिंदू भाइयों का मेला है।
भाई साहब मैं आपसे कोई शिकायत नहीं कर रहा हूं बस आपको इतना बताना चाह रहा हूं कोई हिंदू भाई हिंदू समाज के धर्म संस्कृति के प्रचार-प्रसार के लिए कोई कार्य करता है, उसे इस प्रकार परेशान होना पड़ता है। आपसे निवेदन है यदि प्राधिकरण से कल तक कोई मदद हो जाए तो ठीक। प्राधिकरण के अधिकारियों ने कहा है हम टीम लेकर आएंगे और पूरा मेला तोड़ देंगे। पता है कि आप सभी हमारे लिए चिंतित हैं एवं प्राधिकरण से बात कर रहे हैं, लेकिन यदि उसके बाद भी प्राधिकरण की तरफ से कोई सकारात्मक जवाब कल दिनांक तक नहीं आता है तो हम मेला हटाना शुरू कर देंगे एवं आप सभी के द्वारा जो सहयोग किया गया उसके लिए बहुत-बहुत धन्यवाद।’

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