प पू शांति चंद्र सागरजी म सा ने 7 वर्ष पूर्व दीक्षा ली

इंदौर।, 22 जून | प पू शांति चंद्र सागरजी म सा ने 7 वर्ष पूर्व दीक्षा ली

थी वो आज अपने गुरु प पू गणिवर्य आनन्दचंद्र सागरजी जी म सा एवं संतमंडल के साथ अपने सांसारिक घर बक्षी गली में पधारे | उनके सांसारिक पिता अजित जैन एवं माता ज्योति जैन सहित सैकड़ों की संख्या में उपस्तिथ जैन समाज के लोगो ने जोरदार अगवानी कर भव्य स्वागत किया | 7 वर्ष की अल्पावधि में वे अनेको ग्रंथों का अध्ययन कर श्रेष्ठ साधु बन गए है | दर्शन एवं उनकी वाणी को सुनने के लिए सैकड़ों की संख्या में भक्तगण उपस्तिथ थे | प पू गणिवर्य आनंदचंद्र सागरजी जी म सा ने अपने प्रवचन में कहा की ये एक ऐसा समय होता है जब जैन साधु अपनी जीवनशैली को बदलकर एक नए और उच्च स्तर पर ले जाते है | इस समय वे शिक्षा और उपदेशों को देने के लिए तैयार होते है | दीक्षा से इंदौर राजवाड़ा के लाड़ले बेटे को एक नया जीवन प्राप्त हुआ ।अब उनके विचार धर्म, आध्यमिकता,संयम,शांति ,सेवा और साधना के लिए है | प्रारम्भ में पीपली बाजार उपाश्रय से जुलुस निकाला गया जिसमे सभी संतों के आगे महिलाओं की टोली मंगल कलश और बैंडबाजों के साथ म सा के सांसारिक घर पर पहुंची | प पू म सा को अजित जैन, वीरेन्द्रकुमार जैन,डॉ जयंतीलाल भंडारी, शेखर गेलड़ा,निलेश सकलेचा द्वारा कांबली भेंट की गई | इस अवसर पर प्रवीण गुरूजी, रेखा जैन आदि उपस्तिथ थे |

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