मंडी शुल्क से छूट के लिए उत्तर प्रदेश में नया नियम लागू, अब निर्यातक को छूट के बराबर देनी होगी बैंक गारंटी

मंडी शुल्क से छूट के लिए उत्तर प्रदेश में नया नियम लागू, अब निर्यातक को छूट के बराबर देनी होगी बैंक गारंटी*
उत्तर प्रदेश में कृषि निर्यात को प्रोत्साहन देने के लिए निर्यातकों को मंडी शुल्क और विकास सेस से छूट दिए जाने का नियम है,इस छूट में अब गड़बड़ी नहीं हो सकेगी। निर्यातकों को उतनी ही छूट मिलेगी, जितनी धनराशि की वे बैंक गारंटी देंगे। सरकार ने बैंक गारंटी को अनिवार्य किया है और बिना बैंक गारंटी जमा किए निर्यात होने पर संबंधित मंडी सचिव जिम्मेदार होंगे। निर्यात साबित न होने पर निदेशक कृषि विपणन बैंक गारंटी की धनराशि मंडी के पक्ष में जब्त करने का निर्णय लेंगे।उत्तर प्रदेश में कृषि निर्यात नीति 13 सितंबर 2019 से लागू है, जो 12 सितंबर 2024 तक प्रभावी रहेगी। निर्यातकों को कृषि उपज पर मंडी शुल्क व विकास सेस से छूट के लिए अलग से नियम तय किए गए हैं। किसानों, कृषक उत्पादक संगठन या सोसाइटी पंजीकरण अधिनियम के तहत किसान उत्पादक समूह या आढ़ती के माध्यम से कृषि उपज खरीदकर किसी देश को निर्यात करने वाला डायरेक्ट निर्यातक व अन्य किसी माध्यम से निर्यात करने वाले को इंडायरेक्ट निर्यातक माना जाएगा। दोनों को उपज खरीदने पर मंडी शुल्क से शत-प्रतिशत छूट मिलेगी लेकिन विकास सेस देना होगा।

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